अपनी बात : चुनाव सुधार

चुनाव सुधार नहीं हुये तो स्थिति वही रहनी है जो पिछले 65 वर्षों से जारी है। 565 रजवाड़ों और ब्रिटिश शासित क्षेत्रों के विलय के साथ वर्तमान भारत संघ बना। संयुक्त राष्ट्रसंघ के अनुमान के अनुसार भारत की जनसंख्या 134 करोड़ होने वाली है जिसकी मध्यमान आयु लगभग 27 वर्ष है। यह युवा देश पिछले…

अवधी चिरइयाँ : सफेद गिद्ध (Neophron percnopterus)

वैज्ञानिक नाम: Neophron  percnopterus स्थानीय नाम: सफ़ेद गिद्ध, कालकुर्घ, गोबर गिद्ध, मिस्री गिद्ध                                    अंग़्रेजी नाम: Egyptian Vulture, Indian Scavenger Vulture, White Scavenger Vulture चित्र स्थान और दिनाङ्क: सोहावल, लखनऊ मार्ग, फैजाबाद, उत्तर प्रदेश, 23/01/2017 छाया चित्रकार (Photographer): आजाद सिंह Order: Accipitriformes, Family: Accipitridae आकर, रूप आदि: लगभग 65 से.मी. आकार का यह गिद्ध, सबसे छोटा…

शून्य – 3

शून्य – 1, शून्य – 2 से आगे … ‘शून्य’ की प्रथम स्पष्ट गणितीय परिभाषा ब्रह्मगुप्त (628 ई.) के ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त में मिलती है। यह वह युग था जब अंकगणित, बीजगणित और ज्यामिति वेदांग ज्योतिष से अलग गणित के रूप में लगभग स्वतंत्र पहचान बना चुके थे। आर्यभटीय ज्योतिष का पहला ग्रन्थ है जिसमें गणित के…

नर्मदा की वैज्ञानिक यात्रा

नर्मदा का मुहाना जहाँ वह अब समुद्र ये मिलती है, उस जगह से बहुत आगे तक एक और बहुत बड़ा भूखंड था जो भूगर्भीय हलचलों के कारण भारतभूमि से अलग होकर समुद्र में एक ओर चला गया जिसे हम आज का सेशल्स द्वीप समूह कहते हैं। “मेरी दृष्टि में विष्णु वैकुंठ के स्वामी मात्र नही…

अद्भुत निष्कर्ष

अद्भुत निष्कर्ष निकालने की त्वरा ठीक नहीं।   मनुष्य एक विचारवान प्राणी है। वह अपने विचारों को अभिव्यक्त भी कर सकता है और उन्हें कार्यरूप में परिणत भी। बुद्धि, विवेक का प्रयोग हमारे लिये जितना सामान्य है, उतना ही सामान्य है दुविधा में पड़ना। अधिकांश लोग कभी न कभी किसी न किसी संशय में पड़ चुके…

जनसंख्या वृद्धि और चतुर ताँत या अभिज्ञ तंतु

लोक आगामी समस्याओं की अनदेखी करेगा तो तंत्र रोगग्रस्त होगा और पितरों और देवताओं का ताना बाना टूट जायेगा। आँखें खोलिये, जनसंख्या समस्या को सबसे पहले, विमर्श के केन्द्र में लाइये।

व्यस्क पक्षी

अवधी चिरइयाँ : जलमखानी (Metopidius indicus)

जलमखानी थोड़ी लजालु प्रजाति होती है जो आहट मिलते ही घास आदि में छुप जाती है। घास न मिलने पर ये पानी के अन्दर प्रवेश कर जाती हैं

एञ्जिओ देवि (संस्कृत हास्य)

एञ्जिओ देवि सा बाला ! भवान् जानासि वा ? सा का इति भवान् जानासि वा? सा जानुपर्यन्तं शुद्ध चर्म पादत्राणं धारयति। एषा बाला मुण्डोपरि रे-बेन उपनेत्रं धारयति सर्वदा। विचित्रवर्ण ओष्ठरागः, कज्जलिका, पिष्टि समेता सर्व रूपसज्जायुक्ता सा बाला भवान् न जानासि? वाण्याः आङ्ग्लभाषायां वादिन् एषा बाला तीव्र वेगेन कटु अपशब्दमपि वक्तुं समर्था। एकस्मिन् करे बिसलरि जलकूपी…

ईशावास्योपनिषद (ईशोपनिषद)

भारतीय दर्शन समन्वयवादी और विश्लेषणात्मक है। उसमें तू-तू मैं-मैं नहीं, हम ही हम है। एक ही ईश्वर का अंश होने के कारण हम सभी एक वैश्विक स्वरूप का अंशमात्र हैं। इसलिये किसी को किसी के आगे झुकाने की आवश्यकता नहीं है।