जंतुविज्ञान परास्नातक, लखनऊ विश्वविद्यालय व्यवसाय: औषधि विपणन अभिरुचि: फोटोग्राफी

अवधी चिरइयाँ : गोजा (Saxicola maurus)

Saxicola maurus, गोजा, गप्पीदास। अलग अलग जोड़े खुले क्षेत्र में धान एवं गन्ने के खेतों में पौधों के ऊपर बैठकर कीटों को देखते रहते हैं। अङ्ग्रेजी नाम Stonechat का स्रोत नर की बोली से प्रतीत होता है जो दो पत्थर के टुकड़ों को लड़ाने से निकली ध्वनि के समान होती है।

अवधी चिरइयाँ : गौरैया (Passer domesticus)

रूठी गौरैया को मनाने, उसे पुन: अपने आँगन, बगीचे में बुलाने के लिये ही विश्व गौरैया दिवस का प्रस्ताव रखा गया। ‘विश्व गौरैया दिवस’ मनाने का प्रारम्भ ‘नेचर फ़ॉरएवर सोसायटी’ द्वारा बाम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी, कार्नेल लैब्स ऑफ़ आर्निथोलोजी (यू एस ए), इकोसिस ऐक्शन फ़ाउण्डेशन (फ़्रांस) तथा वाइल्ड लाइफ़ ट्रस्ट, दुधवा लाइव के सहयोग से 20 मार्च 2010 को किया गया।

अवधी चिरइयाँ : सफेद गिद्ध (Neophron percnopterus)

वैज्ञानिक नाम: Neophron  percnopterus स्थानीय नाम: सफ़ेद गिद्ध, कालकुर्घ, गोबर गिद्ध, मिस्री गिद्ध                                    अंग़्रेजी नाम: Egyptian Vulture, Indian Scavenger Vulture, White Scavenger Vulture चित्र स्थान और दिनाङ्क: सोहावल, लखनऊ मार्ग, फैजाबाद, उत्तर प्रदेश, 23/01/2017 छाया चित्रकार (Photographer): आजाद सिंह Order: Accipitriformes, Family: Accipitridae आकर, रूप आदि: लगभग 65 से.मी. आकार का यह गिद्ध, सबसे छोटा…

व्यस्क पक्षी

अवधी चिरइयाँ : जलमखानी (Metopidius indicus)

जलमखानी थोड़ी लजालु प्रजाति होती है जो आहट मिलते ही घास आदि में छुप जाती है। घास न मिलने पर ये पानी के अन्दर प्रवेश कर जाती हैं

अवधी चिरइयाँ : कोटुर (Psilopogon zeylanicus)

हरे और भूरे वर्ण के कोटुर (Megalaima zeylanicus or Psilopogon zeylanicus) पक्षी प्राय: अकेले ही पाये जाते हैं किंतु फल उद्यानों में 20 की संख्या तक के झुण्ड में भी देखे गये हैं। ये शीत ऋतु में लगभग चुप रहते हैं किंतु ग्रीष्म ऋतु में लगातार कुटरू कुटरू की ध्वनि निकालते रहते हैं।