नक्षत्र परिचय – 2 (ग्रीष्म अयनांत के बहाने)

पहले भाग में हम बता चुके हैं कि लगभग फरवरी से लेकर जुलाई तक का समय नक्षत्र पर्यवेक्षण के लिये उपयुक्त होता है क्यों कि आकाश में बादल नहीं होते, ऋतु भी उपयुक्त होती है, धुन्ध और शीत अनुपस्थित होते हैं। वास्तव में जुलाई का महीना फरवरी की तरह लगभग ही उपयुक्त होता है, कारण…

नक्षत्र परिचय – 1

नक्षत्रों को पहचानने से पहले दिशा ज्ञान आवश्यक है। आधुनिक युग की आपाधापी में हममें से बहुतों को दिशायें नहीं पता क्यों कि कृत्रिम जीवन और विहार के कारण सूर्योदय और सूर्यास्त के दर्शन और महीनों के बीतने के साथ उन बिन्दुओं की सापेक्ष गति के प्रेक्षण से हमारा सम्बन्ध समाप्त हो चुका है। अस्तु। …