काल गणना में खिसकती मकर संक्रांति

हम जानते हैं कि पृथ्‍वी की मूल रूप से दो गतियाँ होती हैं, अपने अक्ष पर घूर्णन की और सूर्य की परिक्रमा की, परंतु हम पृथ्‍वी की दो और गतियों पर लगातार निर्भर हैं, उनमें से एक है – अक्ष पर घूर्णन करते समय साढ़े तेईस अंश के झुकाव के कारण ऊर्ध्व अक्ष की वृत्तीय…

हिन्दी में अरबी प्रदूषण पर, बँगला इतिहास के बहाने

हिन्दी सिनेमा की भाषा में अरबी प्रदूषण हिन्दीभाषी भारत को जड़ से काटने के लिये किया गयाi हिन्दी का अभिनेता उर्दू के लिए मानद पीएचडी पाए तो चौकन्ना हो जाना चाहिये। बँगला इतिहास के बहाने वर्तमान बँगलादेश (पूर्वी बंगाल) के मैमेनसिंह जनपद की स्थापना 1 मई 1787 को तत्कालीन ब्रिटिश ईस्ट इण्डिया कम्पनी द्वारा हुई।…

श्रीनिवास रामानुजन ‘गणितं मूर्धनि स्थितम्’

रामानुजन अपने आप में एक बहुत ही विचित्र, भोले, दृढ़ संकल्पित, कुंठित, हँसमुख और साधारण व्यक्ति थे। आप कह सकते हैं कि मेरे पास विशेषण नहीं हैं इसलिये मैंने विरोधाभासी शब्द लिख दिये हैं। ऐसे व्यक्ति को समझने का प्रयास करना आसान भी नहीं है। इस आलेख में रामानुजन की अतुलनीय मेधा की एक झलक से परिचय कराने का मेरा प्रयास है। श्रीनिवास रामानुजन के रूमानी जीवन की घटनाओं का सिलसिला क्रमानुसार नहीं रखा गया है। यदि वास्तव में गणितशास्त्र में उनके योगदान को समझना हो तब उच्चतर गणित पढ़नी पड़ेगी।

आनन्द, स्त्री आ गई, अब सद्धर्म केवल 500 वर्ष ही रह पायेगा!

एक बार भगवान बुद्ध शाक्यों के बीच कपिलवस्तु के निग्रोध विहार में बैठे थे। उनके पास महापजापति गोतमी आईं और सम्मानपूर्वक दूरी रखते हुये हुये उन्हों ने बुद्ध के सामने प्रस्ताव रखा – भंते! अच्छा हो कि मातृशक्ति स्त्रियाँ (मातुगामो) भी गृहत्याग कर प्रवज्या ले आप के बताये धम्म और विनय के मार्ग पर चलें।  बुद्ध ने…

कन्यादान

मेरे पास आपकी कोई भी धरोहर है, और मैं उसे आपको वापस कर दूँ तो वह क्या कहलायेगा ? नहीं, नहीं,ईमानदारी या नेकनीयती या कर्तव्य के रूप में न बताना आपके पास उस अमानत के पहुँचने के भाव को आप किस शब्द द्वारा व्यक्त करेंगे, यह बताना। अब आप कहेंगे अजीब खब्ती है! सीधे सीधे…