अरस्तू की 'एथिका निकोमेकिया' का अंश

अंतर्राष्ट्रीय राजनैतिक अर्थव्यवस्था: भाग – 1

एक समय में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संधियाँ वणिकराष्ट्रवाद के यथार्थवादी सिद्धांत पर की जाती थीं जिसके अनुसार कोई देश किसी अंतर्राष्ट्रीय संस्था के नियमों को न मानकर वही निर्णय लेता था जो उसके हित में हो।

साफ-सफाई : सांस्कृतिक कर्तव्य और गुण

आत्मा का मैल हटाने का श्रेष्ठ उदाहरण है क्यों कि बारंबार घर बाहर में सफाई होती देख यह दृष्टांत हमारी सांस्कृतिक कहानियों का अंतर्निहित तत्व भी बनकर उभरा।

बनारस की गलियाँ : एक चित्रलेख

आप एक सिरे से बनारस की गलियों में गायों, भगवान शंकर के सुस्त वाहन नंदी महाराज से बचते बचाते चले जा रहे हैं तभी अचानक से भीड़ का एक रेला चीखेगा-बच के रेऽऽऽ! पता चला कि नंदी महाराज रौद्र रूप में हैं।

शून्य

१२०२ ई. में फिबोनाची ने ‘लिबेर अबाचि’ अर्थात ‘गणना की पुस्तक’ की रचना की। यह भारतीय अंक पद्धति से यूरोप का पहला परिचय था। फिबोनाची ने इस पुस्तक में मोडस इंडोरम – यानी भारतीय पद्धति का उल्लेख किया।

Indian Robin Saxicoloides fulicata भुजइन [जैव विविधता: अवधी चिरइयाँ]

Indian Robin Saxicoloides fulicata भुजइन वैज्ञानिक नाम: Saxicoloides fulicata स्थानीय नाम: भुजइन, कलचुरी, गँड़ुलर, फुदकी चित्र स्थान और दिनाङ्क: अयोध्या (उत्तरप्रदेश), 06/01/2017, चित्र मादा चिड़िया का है। छाया चित्रकार (Photographer): आजाद सिंह लक्षण, चरित्र और स्वभाव: नर काले रंग का, पंख पर सफेद धब्बा और उठी हुई पूँछ, पूँछ की निचले छोर पर जंग जैसा…

चित्र लेख : मल्लाह के बच्चे

बनारस में वैसे तो मल्लाहों की बस्ती वाला ‘निषाद राज घाट’ भी है लेकिन नये बने ‘रविदास घाट’ (असी घाट से आगे) से लेकर वरुणा और गङ्गा के संगम तट पर स्थित ‘आदिकेशव घाट’ तक फैले अस्सी घाटों तक निरंतर बहती हैं नावें और दिखते हैं निषाद जिन्हें हम मल्लाह, केवट, माझी आदि नामों से…

काल गणना में खिसकती मकर संक्रांति

हम जानते हैं कि पृथ्‍वी की मूल रूप से दो गतियाँ होती हैं, अपने अक्ष पर घूर्णन की और सूर्य की परिक्रमा की, परंतु हम पृथ्‍वी की दो और गतियों पर लगातार निर्भर हैं, उनमें से एक है – अक्ष पर घूर्णन करते समय साढ़े तेईस अंश के झुकाव के कारण ऊर्ध्व अक्ष की वृत्तीय…