Black Kite / Common Pariah Kite, चील। चित्र सर्वाधिकार: आजाद सिंह, © Ajad Singh, सरयू नदी का कछार, माझा, अयोध्या, फैजाबाद उत्तर प्रदेश, February 10, 2018

Black Kite / Common Pariah Kite चील अकासी

Black Kite Common Pariah Kite चील। जिसे आकाश में उड़ने के कारण ‘अकासी’ भी कहते हैं, भारत की बहुत प्रसिद्ध चिड़िया है। जो हमें रोज अपने घरों के ऊपर उड़ती हुई दिख जाती है। यह लगभग सम्पूर्ण भारत में दिखाई पड़ती है। इस बार आजाद सिंह जी का लेख इसी जानी-पहचानी चिड़िया पर।

Rudy Shelduck, लाल सुरखाब, चकवा। चित्र सर्वाधिकार: आजाद सिंह, © Ajad Singh, सरयू नदी की कछार, माझा, अयोध्या, फैजाबाद उत्तर प्रदेश, November 19, 2018

Rudy Shelduck, Brahminy Duck, लाल सुरखाब, चक्रवाक, चकवा

Rudy Shelduck चकवाअत्यंत प्राचीन काल से कवियों की संयोग तथा वियोगसंबंधी कोमल व्यंजनाएँ लिए यह पक्षी मिलन की असमर्थता के प्रतीक रूप में अनेक उक्तियों का विषय रहा है। अंधविश्वास, किंवदंती और काल्पनिक मान्यता से युक्त इस पक्षी की तथाकतित उपर्युक्त विशेषता ने इसे कविसमय तथा रूढ़ उपमान के रूप में प्रसिद्ध कर दिया है।

आदिकाव्य रामायण से – 27, सुन्‍दरकाण्ड [न च मे विहितो मृत्युरस्मिन्दुःखेऽपि वर्तति]

आदिकाव्य रामायण से सुन्‍दरकाण्‍ड : जिनके अन्त:करण वश में हैं, कोई प्रिय या अप्रिय नहीं हैं,उन अनासक्त महात्माओं को नमस्कार है जिन्होंने स्वयं को प्रिय एवं अप्रिय भावनाओं से दूर कर लिया है। प्रीति उनके लिये दु:ख का कारण नहीं होती, अप्रिय से उन्हें अधिक भय नहीं होता।

लघु दीप अँधेरों में tiny lamps in darkness – 6 , Six Sigma

लघु दीप अँधेरों में tiny lamps in darkness : इस कर्मभूमि में जन्म ले कर भी जो धर्माचरण नहीं करता, उसे वेदविद मुनीश्वर सबसे अधम श्रेणी का बताते हैं। यह भारतवर्ष सबसे उत्तम माना जाना चाहिये, सर्वकर्मफलप्रदाता जो देवों को भी दुर्लभ है।

दिक्काल, चिरञ्जीवी हनुमान, ⍍t➛0 एवं हम

दिक्काल : जो उद्योगी एवं लक्ष्य आराध्य समर्पित चिरञ्जीवी हनुमान हैं न, आज उनके जन्मदिवस पर उनसे ही सीख लें। ढूँढ़िये तो अन्य किन सभ्यताओं में दिक्काल को निज अस्तित्व से मापते चिरञ्जीवियों की अवधारणा है?

Sombrero Galaxy, Credit: NASA/Hubble Heritage Team

एकल-नवदुर्गा निहारिका Unitary Navadurgā Galaxy

एकल-नवदुर्गा निहारिका Unitary Navadurgā Galaxy : जिज्ञासा का विषय यह है कि दुर्गा के नौ भेदों में क्रम का विशेष उल्लेख क्यों? इन श्लोकों के पश्चात नवदुर्गा जैसे गम्भीर विषय पर सम्वाद भी, बिना निरन्तरता बनाए, बड़े विचित्र रूप से सहसा समाप्त कर दिया जाता है।

श्रीराम जन्मोत्सव रामनवमी (संस्कृत, तमिळ, अवधी हिन्‍दी, मराठी काव्य)

श्रीराम जन्मोत्सव रामनवमी : यह प्रस्तुति अव्यावसायिक है एवं इसका उद्देश्य मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम जन्मोत्सव पर जनरञ्जन मात्र है। कृपया व्यावसायिक उद्देश्य या किसी भी प्रकार के आर्थिक, वस्तु लाभादि के लिये इसका प्रयोग न करें।