लघु दीप अँधेरों में tiny lamps in darkness – 5

लघु दीप अँधेरों में tiny lamps in darkness : देसी जलवायु में सहस्राब्दियों तक विकसित होने के कारण धान की इन प्रजातियों में भिन्न भिन्न औषधीय गुण पाये जाते हैं।

Frequency Illusion आवृत्ति भ्रान्ति : सनातन बोध – 23, Baader-Meinhof Phenomenon

Frequency Illusion आवृत्ति भ्रान्ति : पहला, चयनित ध्यान (selective attention) जब हम किसी नयी बात पर अटक जाते हैं तब अवचेतन मन उस वस्तु को ढूँढ़ता रहता है। दूसरा, पुष्टिकरण पक्षपात (confirmation bias) जिससे हर बार उस वस्तु के दिखने पर इस भ्रम की पुष्टि होती है कि अत्यल्प काल में ही वह बात सर्वव्यापी हो गयी है।

Large Pied Wagtail, White-Browed Wagtail, ममोला खञ्जन, चित्र सर्वाधिकार: आजाद सिंह, © Ajad Singh, सुहेलवा, पूर्वी बालापुर गाँव, राजा सुहेलदेव वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी, निकट नेपाल सीमा, जिला श्रावस्ती, उत्तर प्रदेश, February 03, 2018

Large Pied Wagtail, White-Browed Wagtail, ममोला खञ्जन

ममोला खञ्जन बहुत ही परिचत पक्षी है जो देश छोड़कर नहीं जाता है। यह पूर्वोत्तर भारत को छोड़कर लगभग हर जगह तथा हिमालय में ५००० फ़ुट की ऊँचाई तक पाया जाता है। खंजन बहुत ही चंचल, मीठी बोली वाला और मनमोहक पक्षी है। इसका कवियों ने भी समय-समय पर अपने काव्य में वर्णन किया है। ममोला खंजन, सफ़ेद खंजन से थोडा बड़ा होता है।

लघु दीप अँधेरों में tiny lamps in darkness – 4

लघु दीप अँधेरों में tiny lamps in darkness : यदि इच्छाशक्ति हो तथा तदनुरूप कर्म हो तो बाधायें सिर झुका देती हैं, आँचल प्रमाण हैं। सुदूर मनाली के उत्तर में स्थित गाँव बुरुआ की आँचल।

आदिकाव्य रामायण से – 25, सुन्‍दरकाण्ड [स मैथिलीं धर्मपरामवस्थितां]

सीता न केवल रावण के मनोवैज्ञानिक प्रपञ्चों के पाश से पूर्णत: मुक्त रही अपितु वे रावण को प्रभावी ढंग से अपने मानस की दृढ़ता का परिचय भी देती रही। धन्य हैं उनके सतीत्व का ताप जो रावण के मानस को ही प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से निर्बल बनाने में सहायक हो रहा था।

बारहमासा होली गीत

शीर्षक पर न जायें! काव्यगत् दृष्टि में शृंगार पक्ष अद्भुत, किन्तु अब लुप्तप्राय। जैसा कि शीर्षक स्पष्ट कर रहा है, बारह मास से ही अभिप्राय है। लोक भोजपुरी में होली के अवसर पर गाया जाने वाला विरह शृंगार गीत। साहित्यिक हिन्दी वालों के लिए विप्रलंभ शृंगार। आइये, तनि गहरे गोता मारिये न! … लगभग तेरह…

A Note on Caste जाति पर एक बात

A Note on Caste जाति पर एक बात : ब्राह्मण, योद्धा, व्यापारी एवं सामान्यजन ज्ञान प्राप्ति हेतु समानरूप से प्रभावशाली कहे गए हैं। इसे ज्ञानयोग, कर्मयोग, राजयोग एवं भक्ति योग के में भी प्रतिबिंबित किया गया है। यहां तक कि सरस्वती पूजा, दशहरा, दिवाली एवं होली भी भिन्न प्रकार की प्रवृत्तियों को उत्सव के रूप में मनाना है।