अवधी चिरइयाँ : पपीहा (Hierococcyx varius)

वैज्ञानिक नाम: Hierococcyx varius हिन्दी नाम: पपीहा, अन्य नाम: कपक, उपक, भुराव चोकगल्लो(बंगाल) अंग़्रेजी नाम: Common hawk-cuckoo, Brainfever bird चित्र स्थान और दिनाङ्क: सरयू का कछार क्षेत्र, अयोध्या, 16/04/2017 छाया चित्रकार (Photographer): आजाद सिंह Kingdom: Animalia Phylum: Chordata Class: Aves Order: Cuculiformes Family: Cuculidae Genus: Hierococcyx Species: Varius Category: Perching Bird Wildlife schedule: IV विवरण:…

सनातन धर्म का प्रसार आवश्यक – अंतिम भाग

सनातन धर्म का प्रसार आवश्यक : यह लेख Maria Wirth के मूल आलेख ‘Hindu Dharma needs to spread‘ का अनुवाद है। मूल आलेख यहाँ देखा जा सकता है: https://mariawirthblog.wordpress.com/2016/09/02/hindu-dharma-needs-to-spread/। दो भागों में बाँट कर प्रस्तुत किये जाने वाले इस आलेख में लेखिका ने बहुत ही सरलता से सनातन धर्म के विरुद्ध जारी षड़यंत्र और धर्म…

कौटलीय अर्थशास्त्रे शब्दप्रयोगाः

मम लेखस्य विषयः कौटलीय अर्थशास्त्रे कतिपय राजपदानाम्, कर्तव्यानाम्, वस्तूनाम् चार्थे प्रयुक्ताः विभिन्नाः अप्रसिद्ध शब्दाः। वयं जानीमः शब्दार्थाः परिवर्तनशील सन्ति कालेन सह तेषां अर्थाः परिवर्तयन्ति (अर्थशास्त्रस्य कालखण्ड तृतीय-चतुर्थ शताब्दि ईसा पूर्वं मन्यन्ते) अतः शब्दानाम् अर्थे अधुनातः वैचित्र्यं लभ्यते। कतिचन् शब्दाः मम ध्यानाकर्षण अकुर्वन् अर्थशास्त्रे तेषां प्रयोगात् अधुना वयं अपरिचितः च अस्तु एषः लेखः। प्रथमे अधिकरणे आचार्यः…

अवधी चिरइयाँ : धनेश (Ocyceros birostris)

धनेश मादा पेंड़ के छेद में अंदर चली जाती है और अपने मल से प्रारम्भ के 2-3 दिन घोंसले के छेद को बंद करने में लगाती है। इसकी बीट बहुत लिसलिसी होती है जोकि सूख जाने पर मिटटी के ढेले जैसी कठोर हो जाती है। नर घोंसले के छेद को सील कर देता है जिसमें केवल मादा की चोंच निकलने भर का छिद्र रह जाता है जिससे वह उसे भोजन चुगाता रहता है। मादा अपने सारे पंख उखाड़कर घोंसले से बाहर फेंक देती है ताकि भीतर बच्चों के लिये आवश्यकता भर स्थान उपलब्ध हो सके।

Iron Supplement Circle: ‘लौह भस्म’ to Iron Fish

प्राण, Food & Nutrients Ever since we adopted western hygiene hypothesis and germ phobia, we started losing many simple but profound cooking practices. On top of it, our plates only receive food grown using chemicals (pesticides and fertilizers).  We forgot to take help of naturally available soil bacteria(s) who can convert raw प्राण from सूर्य…