आदिकाव्य रामायण से – 34, सुन्‍दरकाण्ड [वचोऽभिरामं रामार्थयुक्तं विरराम रामा]

न चास्य माता न पिता च नान्यः स्नेहाद्विशिष्टोऽस्ति मया समो वा ।
तावत्त्वहं दूत जिजीविषेयं यावत्प्रवृत्तिं शृणुयां प्रियस्य ॥
न माता से, न पिता से एवं न किसी अन्य से उनका प्रेम, मेरे प्रति प्रेम से विशिष्ट है (अर्थात मेरे प्रति उनका प्रेम समस्त सम्बन्‍धों के प्रेम से विशिष्ट है)।
अत:, हे दूत ! मेरी जीने की इच्छा तब तक ही बनी रहनी है, जब तक मैं अपने प्रिय का वृतान्‍त सुनती रहूँ।

Indian Paradise Flycatcher दूधराज /Common Paradise Flycatcher

दुग्धराज या दूधराज मध्य प्रदेश का राजकीय पक्षी है। वैदिक वाङ्मय एवं संंस्कृत साहित्य में यह सुंदर पक्षी बहुवर्णित है।

आदिकाव्य रामायण से – 33, सुन्‍दरकाण्ड [विक्रान्तस्त्वं समर्थस्त्वं प्राज्ञस्त्वं वानरोत्तम]

Valmiki Ramayan Sundarkand वाल्मीकीय रामायण सुन्‍दरकाण्ड : तुम विक्रान्‍त हो, समर्थ हो, प्राज्ञ हो, तुमने अकेले ही राक्षस राजधानी को प्रधर्षित कर दिया है।

Tiny lamps लघु दीप – 13

मन्द गति से चलती हुई चींटी भी हजार योजन (की दूरी) चल लेती है, परन्तु बिना चले तो वैनतेय गरुड़ (जिनकी गति जग प्रसिद्ध है) भी एक पग आगे नहीं बढ़ सकते।

Capital Gain Calculation पूँजीगत लाभ गणना

आप अपने नियोक्ता से प्राप्त फॉर्म 16A को ही नहीं देखें, भले ही केवल आपको वेतन मिलता हो, आपके द्वारा खरीदे-बेचे गये शेयर, म्यूचुअल फंड, प्रॉपर्टी या गहनों को बेचकर जो लाभ हुआ हो, वह भी दिखाना है। भले लाभ हुआ हो या हानि, उससे कोई अंतर नहीं पड़ता है। सभी को आयकर में अपने पूँजीगत लाभ या हानि दिखाना ही चाहिये। यहाँ हम बता रहे हैं कि कैसे विभिन्न प्रकार के एसेट पर पूँजीगत लाभ या हानि (capital gains or loss) की गणना करनी चाहिये।

Illusion of objectivity वस्तुपरकता की भ्रान्ति : सनातन बोध – 31

Illusion of objectivity वस्तुनिष्ठता की भ्रान्ति : वैरी संचार माध्यम प्रभाव (Hostile media effect) -संचार माध्यमों पर अपर विचारधारा के समर्थन का दोष।