खजुराहो – अतीत की वीथियां

पिताजी प्राय: कहा करते थे कि चंदेल राजवंश का अतीत बहुत गौरवशाली रहा है। समृद्ध एवं गौरवमय अतीत में झाँकने की उनकी प्रेरणा के कारण मेरे मन में बहुत इच्छा रहती थी कि अपने पुरखों की धरती ‘महोत्सव नगर’ (अब महोबा) का कभी भ्रमण करूँ। दो मित्रों श्री महेंद्र प्रताप (महोबा के मूल निवासी) और…

चिदम्बरम नटराज मंदिर Nataraja temple Chidambaram की यात्रा

प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के अवसर तीन दिवसीय नाट्याजलि महोत्सव का आयोजन होता है जिसमें दुनिया के कोने-कोने से प्राच्यविद्या के जिज्ञासु आते हैं। जर्मनी के एक प्रोफेसर मिले थे, वो जेनेवा में स्थित CERN में स्थापित नटराज के विशाल मूर्ति के बारे में वहां के स्थानीय टीवी चैनल के पत्रकारों को बता रहे थे। देवता नटराज का ब्रह्मांडीय नृत्य भगवान शिव द्वारा अनवरत ब्रह्माण्ड की गति का प्रतीक है।

गर्देज़ के गणेश : दाङ्ग से कुभा तक की यात्रा का रहस्य खोलते हुये

कुभा, कु +भा। जिस नदी के जल की आभा मटमैली हो, कुभा, आज की काबुल नदी। कुभा से लगे नगर काबुल की वीथियों में घूमता मैं ऋग्वैदिक ऋषियों श्यावाश्व और प्रैयमेध का स्मरण करता हूँ, समय ने इस नगर पर ध्वंस के इतने प्रहार किये हैं कि इसकी कीर्ति कुभा के जल सी मटमैली हो…