आपणी बात : रक्षा, संरक्षण और सुरक्षा

आशा है कि भारत में और वैश्विक स्तर पर भी उभरे रक्षा, सुरक्षा और संरक्षण के स्वर आने वाले वर्षों में इस संकट के उन्मूलन में सफल होंगे और मानव की स्वयं को समृद्ध और सुखी बनाने वाली नवोन्मेषी यात्रा ऐसे ही नये लक्ष्य अर्जित करती रहेगी।

आपन बाति: सोच, सङ्कट और उद्योग

136 वर्ष से कुछ अधिक दिन पहले क्रमश: दो और चार जनवरी को ‘महरट्ट’ और ‘केसरी’ नामधारी दो पत्र लोकमान्य बालगङ्गाधर टिळ्क (तिलक) ने प्रकाशित करने प्रारम्भ किये।