पुराणों में क्या है -1:विष्णु दशावतार तथा बुद्ध – 3 [राधा, परशुराम; ब्रह्माण्ड, वायु, ब्रह्म]

राम जामदग्नेय को प्रतिहिंसक द्वेषी दर्शाया गया है जिसका विस्तृत विवरण ब्रह्माण्ड पुराण में अन्यत्र कहीं से ला कर जोड़ा गया है। इसकी पूरी सम्भावना है कि उस स्वतंत्र पाठ को विकृत करने के पश्चात जोड़ा गया।

सनातन बोध : प्रसंस्करण, नये एवं अनुकृत सिद्धांत – 2

बुद्ध द्वारा प्रस्तावित निवारण की विधियाँ मस्तिष्क की इस क्रमिक विकास से हुई परिणति से विपरीत उसे उलटी गति में ले जाकर सत्य का आभास कराती हैं। विकासवादी मनोविज्ञान और इस सनातन दर्शन में क्या एक ही बात नहीं है?

आनन्द, स्त्री आ गई, अब सद्धर्म केवल 500 वर्ष ही रह पायेगा!

एक बार भगवान बुद्ध शाक्यों के बीच कपिलवस्तु के निग्रोध विहार में बैठे थे। उनके पास महापजापति गोतमी आईं और सम्मानपूर्वक दूरी रखते हुये हुये उन्हों ने बुद्ध के सामने प्रस्ताव रखा – भंते! अच्छा हो कि मातृशक्ति स्त्रियाँ (मातुगामो) भी गृहत्याग कर प्रवज्या ले आप के बताये धम्म और विनय के मार्ग पर चलें।  बुद्ध ने…