नक्षत्र परिचय – 2 (ग्रीष्म अयनांत के बहाने)

रामायण में वर्णित ‘ऐरावत की सूँड़’ (Scorpio) स्पष्ट दिखती है। इसी में अनुराधा और ज्येष्ठा हैं। बिच्छू का डंक ही मूल नक्षत्र है। चित्रा और मूल को मिलाने वाली रेखा पर तुला राशि में हैं विशाखा (Brachium)। 

नक्षत्र परिचय – 1

नक्षत्रों को पहचानने से पहले दिशा ज्ञान आवश्यक है। आधुनिक युग की आपाधापी में हममें से बहुतों को दिशायें नहीं पता क्यों कि कृत्रिम जीवन और विहार के कारण सूर्योदय और सूर्यास्त के दर्शन और महीनों के बीतने के साथ उन बिन्दुओं की सापेक्ष गति के प्रेक्षण से हमारा सम्बन्ध समाप्त हो चुका है। अस्तु। …