शून्य – 3

शून्य – 1, शून्य – 2 से आगे … ‘शून्य’ की प्रथम स्पष्ट गणितीय परिभाषा ब्रह्मगुप्त (628 ई.) के ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त में मिलती है। यह वह युग था जब अंकगणित, बीजगणित और ज्यामिति वेदांग ज्योतिष से अलग गणित के रूप में लगभग स्वतंत्र पहचान बना चुके थे। आर्यभटीय ज्योतिष का पहला ग्रन्थ है जिसमें गणित के…

नर्मदा की वैज्ञानिक यात्रा

नर्मदा का मुहाना जहाँ वह अब समुद्र ये मिलती है, उस जगह से बहुत आगे तक एक और बहुत बड़ा भूखंड था जो भूगर्भीय हलचलों के कारण भारतभूमि से अलग होकर समुद्र में एक ओर चला गया जिसे हम आज का सेशल्स द्वीप समूह कहते हैं। “मेरी दृष्टि में विष्णु वैकुंठ के स्वामी मात्र नही…