जय भारत

‘भारत’ शब्द के तमिळ रूप का स्वीकार ध्यान देने योग्य है। तोड़ने वाली शक्तियाँ चाहे जितनी भी सक्रिय रही हों, ऐक्य का पक्ष रह ही जाता है। हमें उस पर ही केन्द्रित होना होगा।

आनन्द, स्त्री आ गई, अब सद्धर्म केवल 500 वर्ष ही रह पायेगा!

एक बार भगवान बुद्ध शाक्यों के बीच कपिलवस्तु के निग्रोध विहार में बैठे थे। उनके पास महापजापति गोतमी आईं और सम्मानपूर्वक दूरी रखते हुये हुये उन्हों ने बुद्ध के सामने प्रस्ताव रखा – भंते! अच्छा हो कि मातृशक्ति स्त्रियाँ (मातुगामो) भी गृहत्याग कर प्रवज्या ले आप के बताये धम्म और विनय के मार्ग पर चलें।  बुद्ध ने…

कन्यादान

मेरे पास आपकी कोई भी धरोहर है, और मैं उसे आपको वापस कर दूँ तो वह क्या कहलायेगा ? नहीं, नहीं,ईमानदारी या नेकनीयती या कर्तव्य के रूप में न बताना आपके पास उस अमानत के पहुँचने के भाव को आप किस शब्द द्वारा व्यक्त करेंगे, यह बताना। अब आप कहेंगे अजीब खब्ती है! सीधे सीधे…

विमुद्रीकरण (Demonetisation) – अंतिम भाग

पहले भाग से आगे …  अभिषेक ओझा विमुद्रीकरण: भ्रष्टाचार, काला धन और जाली नोट को ख़त्म करने के लक्ष्य को लेकर भारत सरकार ने गत आठ नवम्बर की अर्द्धरात्रि से ₹५०० और ₹१००० के नोटों की वैधानिकता समाप्त कर दी। सबसे पहली बात यह कि यह नवीकरण (करेंसी स्वैप)  है, यानि कि पुराने नोट ख़त्म नहीं…

विमुद्रीकरण (Demonetisation) – 1

अभिषेक ओझा  ‘विमुद्रीकरण’ समझने के लिये पहले समझते हैं उन बातों को जिनसे उस पर किये जा रहे विश्लेषण और दिए जाने वाले तर्कों को समझने में आसानी होगी।   अर्थशास्त्र:  अमेरिकी  राष्ट्रपति हेनरी ट्रूमैन ने अर्थशास्त्रियों से परेशान होकर कहा था,”मुझे एक हाथ वाला अर्थशास्त्री चाहिए. जितने अर्थशास्त्री हैं वे कहते हैं ऑन वन हैण्ड… फिर कहते…