तप नहीं तो कुछ भी नहीं

बहुत दिनों तक प्रगति का नेतृत्त्व पश्चिम ने किया, अब पुरातन एशियाई जगत भी आगे निकलने को अँगड़ाइयाँ लेने लगा है। प्रश्न यह है कि हम उनमें कौन हैं, कहाँ हैं, क्या कुछ अनूठा कर रहे हैं? जब मैं अनूठा कह रहा हूँ तो किसी बड़े प्रकल्प की बात नहीं कर रहा। मैं एक व्यक्ति के रूप में, परिवार के रूप में, संस्था के रूप में नवोन्मेष की बात कर रहा हूँ, साथ ही उस अनुशासन की भी जो कि न्यूनतम आवश्यकता है। देश बड़े तभी होते हैं जब उनके नागरिक बड़े होते हैं।

लघु दीप अँधेरों में tiny lamps in darkness – 4

लघु दीप अँधेरों में tiny lamps in darkness : यदि इच्छाशक्ति हो तथा तदनुरूप कर्म हो तो बाधायें सिर झुका देती हैं, आँचल प्रमाण हैं। सुदूर मनाली के उत्तर में स्थित गाँव बुरुआ की आँचल।

बारहमासा होली गीत

शीर्षक पर न जायें! काव्यगत् दृष्टि में शृंगार पक्ष अद्भुत, किन्तु अब लुप्तप्राय। जैसा कि शीर्षक स्पष्ट कर रहा है, बारह मास से ही अभिप्राय है। लोक भोजपुरी में होली के अवसर पर गाया जाने वाला विरह शृंगार गीत। साहित्यिक हिन्दी वालों के लिए विप्रलंभ शृंगार। आइये, तनि गहरे गोता मारिये न! … लगभग तेरह…

मानवता के निजी सङ्कट एवं जैव विविधता

मानवता के निजी सङ्कट : सामूहिक छ्ल एवं वर्ग स्वार्थ का उपयोग स्वहित वह लघु वर्ग करता रहा है जोकि किसी भी देश का शासक होता है। सामान्य जन को फुसलाना तथा बहका देना बहुत सरल है किंतु वह वर्ग जोकि चेतना के शीर्ष पर विराजमान है, भोलेपन का अभिनय क्यों कर रहा है? सुविधाजीवी बौद्धिक पाखण्ड का प्रभाव तो नहीं?

लघु दीप अँधेरों में – 2

लघु दीप अँधेरों में : भारत में विभिन्न तीर्थ स्थलों एवं गंङ्गा, यमुना, नर्मदा इत्यादि अनेक नदियों में इसका बहुत ही प्रभावी उपयोग हो सकता है। सहमत हैं तो बात आगे एवं ऊँचे बढ़ाइये न!

इसरो ISRO – नई सोच की आवश्यकता

इसरो ISRO : ऊर्जा बढ़ानी होगी, अंतर पाट कर ऊँची कक्षा में जाना होगा। ‘विकसित’ होता भारत स्वयं की प्रतीक्षा में है, अपने अंतरिक्षीय दूरदर्शी यंत्र की प्रतीक्षा में है कि पौराणिक काल यात्राओं को आधुनिक समय के मानकों के अनुसार अनुभूत कर सके, अपनी अपार सम्भावनाओं से गँठजोड़ कर सके।

Little by little and bit by bit छोटे छोटे हजार दीप

उत्तरी इङ्ग्लैण्ड के लीड्स नामक नगर मेंं निर्धनता के कारण 10 वर्ष से अधिक आयु की बहुत सी लड़कियाँ माहवारी के समय प्रति माह एक सप्ताह विद्यालय नहीं जातीं। विकसित देश ब्रिटेन में भी ऐसा है।