आपन बाति: सोच, सङ्कट और उद्योग

136 वर्ष से कुछ अधिक दिन पहले क्रमश: दो और चार जनवरी को ‘महरट्ट’ और ‘केसरी’ नामधारी दो पत्र लोकमान्य बालगङ्गाधर टिळ्क (तिलक) ने प्रकाशित करने प्रारम्भ किये।

काल गणना में खिसकती मकर संक्रांति

हम जानते हैं कि पृथ्‍वी की मूल रूप से दो गतियाँ होती हैं, अपने अक्ष पर घूर्णन की और सूर्य की परिक्रमा की, परंतु हम पृथ्‍वी की दो और गतियों पर लगातार निर्भर हैं, उनमें से एक है – अक्ष पर घूर्णन करते समय साढ़े तेईस अंश के झुकाव के कारण ऊर्ध्व अक्ष की वृत्तीय…