नक्षत्र परिचय – 2 (ग्रीष्म अयनांत के बहाने)

रामायण में वर्णित ‘ऐरावत की सूँड़’ (Scorpio) स्पष्ट दिखती है। इसी में अनुराधा और ज्येष्ठा हैं। बिच्छू का डंक ही मूल नक्षत्र है। चित्रा और मूल को मिलाने वाली रेखा पर तुला राशि में हैं विशाखा (Brachium)। 

ज.ने.वि. का अंत:पुर – 1

JNU ज.ने.वि. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में कुल 14 संस्थान हैं जिन्हें School कहा जाता है। इन संस्थानों के भीतर एकाधिक केन्द्र हैं। प्रारम्भ करते हैं ‘भारतीय भाषा केन्द्र’ से। इस केन्द्र की निम्न विशेषतायें हैं: (1) इस केन्द्र में कुल छ: आचार्य हैं।   (2) 2010-11 से 2014-15 के बीच पाँच वर्षों में यहाँ के…

नक्षत्र परिचय – 1

नक्षत्रों को पहचानने से पहले दिशा ज्ञान आवश्यक है। आधुनिक युग की आपाधापी में हममें से बहुतों को दिशायें नहीं पता क्यों कि कृत्रिम जीवन और विहार के कारण सूर्योदय और सूर्यास्त के दर्शन और महीनों के बीतने के साथ उन बिन्दुओं की सापेक्ष गति के प्रेक्षण से हमारा सम्बन्ध समाप्त हो चुका है। अस्तु। …