सम्वत्सर और पञ्चाङ्ग – 1

ऋत को जीवन में उतारने को उद्यत कवि की ऋचा ने एक विराट रूपक का आकार ले लिया जिसमें सात सवारियाँ थीं, सप्त नाम का अश्व जिसे खींचता, रथ ऐसा था कि उसमें बस एक चक्का था जब कि तीन धुरियाँ थीं। वह चक्का न ढीला पड़ता और न नष्ट होता जब कि रथ में विश्व भुवन स्थित थे!

जनसंख्या : ‘भाव’ और ‘अभाव’ पंथी एवं भविष्य

उल्लेखनीय है कि आगे के दो दशकों में भारत की जनसंख्या चीन को पार कर जायेगी और यह संसार का सबसे युवा देश होगा। एक ओर निरंतर बढ़ते हाथों को काम और मूलभूत सुविधायें उपलब्ध कराने की चुनौती होगी तो दूसरी ओर उनकी कार्यकुशलता की गुणवत्ता की दयनीय स्थिति तनाव भी बढ़ायेगी। उस तनाव का अनुमान अभी से लगाया जा सकता है जब कि अभियांत्रिकी की शिक्षा पाये युवाओं का अधिकांश भाग किसी काम लायक नहीं पाया जा रहा है! ऐसे में सीमित संसाधनों पर भारी दबाव होगा।

अपनी बात : चुनाव सुधार

चुनाव सुधार नहीं हुये तो स्थिति वही रहनी है जो पिछले 65 वर्षों से जारी है। 565 रजवाड़ों और ब्रिटिश शासित क्षेत्रों के विलय के साथ वर्तमान भारत संघ बना। संयुक्त राष्ट्रसंघ के अनुमान के अनुसार भारत की जनसंख्या 134 करोड़ होने वाली है जिसकी मध्यमान आयु लगभग 27 वर्ष है। यह युवा देश पिछले…

जनसंख्या वृद्धि और चतुर ताँत या अभिज्ञ तंतु

लोक आगामी समस्याओं की अनदेखी करेगा तो तंत्र रोगग्रस्त होगा और पितरों और देवताओं का ताना बाना टूट जायेगा। आँखें खोलिये, जनसंख्या समस्या को सबसे पहले, विमर्श के केन्द्र में लाइये।

जय भारत

‘भारत’ शब्द के तमिळ रूप का स्वीकार ध्यान देने योग्य है। तोड़ने वाली शक्तियाँ चाहे जितनी भी सक्रिय रही हों, ऐक्य का पक्ष रह ही जाता है। हमें उस पर ही केन्द्रित होना होगा।

आपणी बात : रक्षा, संरक्षण और सुरक्षा

आशा है कि भारत में और वैश्विक स्तर पर भी उभरे रक्षा, सुरक्षा और संरक्षण के स्वर आने वाले वर्षों में इस संकट के उन्मूलन में सफल होंगे और मानव की स्वयं को समृद्ध और सुखी बनाने वाली नवोन्मेषी यात्रा ऐसे ही नये लक्ष्य अर्जित करती रहेगी।

Joshua Project जोशुआ ‘परमेश्वर यादवों से प्रेम करता है’

Joshua Project : ‘जोशुआ प्रोजेक्ट’ ‘फ्रण्टियर वेंचर्स’ की एक मिनिस्ट्री है जिसने इसाइयत के प्रसार के लिये ‘10/40 खिड़की’ पर स्वयं को केन्द्रित रखा है। भूगोल अक्षांश 10 अंश से ले कर 40 अंश तक (और उनसे लगे हुये) विराट भू भाग को यह नाम दिया गया है जिसमें विश्व की हिन्दू, बौद्ध और मुसलिम जनसंख्या का बहुसंख्य निवास करता है।