सनातन बोध : प्रसंस्करण, नये एवं अनुकृत सिद्धांत – 1

वित्तीय गणित का सबसे प्रसिद्ध सूत्र ब्लैक शॉल्स और मेर्टन भौतिकी का ऊष्मा समीकरण भर है। इस वित्तीय समीकरण का भौतिकी में होना केवल संयोग नहीं है। एक जैसी प्रक्रिया का एक ही हल होने से इसे मौलिक आविष्कार तो नहीं कहा जा सकता? ठीक इसी तरह व्यावहारिक अर्थशास्त्र और मनोविज्ञान को पढ़ते हुए कई सिद्धांत जाने पहचाने लगते हैं।

शून्य – 5

शून्य – 1, शून्य – 2 , शून्य – 3, शून्य – 4 से आगे … शून्य के वर्तमान गोले के रूप में लिखे जाने की परंपरा कब से आरम्भ हुई इसका ठीक ठीक पता नहीं पर ग्वालियर के चतुर्भुज मंदिर में अंकित शून्य ही प्रथम लिखित शून्य  के रूप में मान्य है वैसे शून्य…

शून्य – 4

सिद्धांत-शिरोमणि (लीलावती, बीजगणित, गोलाध्याय और ग्रहगणित) गणित का अद्भुत ग्रंथ है, आज भी। संभवतः उनकी गणितीय रचना से अधिक टीकायें और अनुवाद गणित के किसी पुस्तक की नहीं हुईं। यह रचना भारतीय शिक्षा पद्धति में किस तरह बसी होगी इसका अनुमान मैं इस बात से लगाता हूँ कि भास्कराचार्य के लगभग ८५० वर्ष पश्चात मुझे किसी ने गणित सिखाते हुए कहा था कि ‘मैं जो सिखाऊंगा वह चक्रवाल गणित है। इससे कोई सवाल बन जायेगा लेकिन परीक्षा में ऐसे मत लिखना।’ उस घटना के वर्षों पश्चात पता चला कि चकवाली विधि सच में एक गणितीय विधि है जिसके प्रणेता भास्कराचार्य थे।

शून्य – 3

शून्य – 1, शून्य – 2 से आगे … ‘शून्य’ की प्रथम स्पष्ट गणितीय परिभाषा ब्रह्मगुप्त (628 ई.) के ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त में मिलती है। यह वह युग था जब अंकगणित, बीजगणित और ज्यामिति वेदांग ज्योतिष से अलग गणित के रूप में लगभग स्वतंत्र पहचान बना चुके थे। आर्यभटीय ज्योतिष का पहला ग्रन्थ है जिसमें गणित के…

विमुद्रीकरण (Demonetisation) – अंतिम भाग

पहले भाग से आगे …  अभिषेक ओझा विमुद्रीकरण: भ्रष्टाचार, काला धन और जाली नोट को ख़त्म करने के लक्ष्य को लेकर भारत सरकार ने गत आठ नवम्बर की अर्द्धरात्रि से ₹५०० और ₹१००० के नोटों की वैधानिकता समाप्त कर दी। सबसे पहली बात यह कि यह नवीकरण (करेंसी स्वैप)  है, यानि कि पुराने नोट ख़त्म नहीं…

विमुद्रीकरण (Demonetisation) – 1

अभिषेक ओझा  ‘विमुद्रीकरण’ समझने के लिये पहले समझते हैं उन बातों को जिनसे उस पर किये जा रहे विश्लेषण और दिए जाने वाले तर्कों को समझने में आसानी होगी।   अर्थशास्त्र:  अमेरिकी  राष्ट्रपति हेनरी ट्रूमैन ने अर्थशास्त्रियों से परेशान होकर कहा था,”मुझे एक हाथ वाला अर्थशास्त्री चाहिए. जितने अर्थशास्त्री हैं वे कहते हैं ऑन वन हैण्ड… फिर कहते…