Detachment अनासक्ति निर्णय कर्म

Detachment अनासक्ति निर्णय कर्म : सनातन बोध – ८७

Detachment अर्थात् अनासक्ति। इसका एक निष्कर्ष यह भी है कि आसक्ति में एवं भावना में बहकर कभी अर्थपूर्ण निर्णय और कार्य नहीं किए जा सकते। सहानुभूति के साथ-साथ अनासक्त अवलोकन की कहीं अधिक आवश्यकता है। तभी उसे करुणा तथा समुचित कर्म में परिवर्तित किया जा सकता है – स्वजनों के लिए भी एवं बृहत् स्तर पर मानवता के लिए भी, अन्यथा व्यक्ति सोचता ही रह जाएगा और चिंतित भी रहेगा।

Identifiable victim effect अभिज्ञेय पीड़ित प्रभाव एवं आईकिया प्रभाव : सनातन बोध – 22

एक रोचक मनोवैज्ञानिक अध्ययन है। जिसके अनुसार मानव मस्तिष्क साधारण ज्ञान के स्थान पर विशेष को प्राथमिकता देता है। विस्तृत आँकड़ों के स्थान पर विशेष उदाहरण को। जैसे हमें किसी व्याधि के बारे में बताकर पीड़ितों की सहायता करने को कहा जाय तो हम संभवतः दान नहीं देते परन्तु किसी एक विशेष पीड़ित व्यक्ति का चित्र दिखाकर हमसे सहायता मांगी जाय तो वो अधिक प्रभावी होता है। अभिज्ञेय पीड़ित प्रभाव (identifiable victim effect) के नाम से प्रसिद्ध इस संज्ञानात्मक पक्षपात से किसी भी समस्या की हम तब तक उपेक्षा करते रहते हैं जब तक हम स्वयं या कोई अपना भुक्तभोगी न हो।