Ashy-Crowned Sparrow Lark देयोरा। चित्र सर्वाधिकार: आजाद सिंह, © Ajad Singh, सरयू आर्द्र भूमि, माझा, अयोध्या, फैजाबाद, उत्तर प्रदेश, November 11, 2017

Ashy-Crowned Sparrow Lark देयोरा

देयोरा भारत की बारहमासी चिड़िया है। ऊसर बाघेरी अपने नाम के अनुरूप खुले मैदानों और ऊसर क्षेत्र में रहने वाली चिड़िया है, इसे जंगल किञ्चित भी प्रिय नहीं है।

Indian White-Eye बबूना, चित्र सर्वाधिकार: आजाद सिंह, © Ajad Singh, गुप्तार घाट, कम्पनी गार्डन, अयोध्या, फैजाबाद, उत्तर प्रदेश, March 31, 2019

Indian White-Eye बबूना

बबूना लगभग ४ इंच की एक छोटी सी सुन्दर एवं बहुत ही चञ्चल चिरैया है। इसके नेत्रों के ऊपर एक श्वेत वलय होता है। शरीर का वर्ण पीत-हरिताभ पराग कण सम होता है।

Knob-Billed Duck नकटा, चित्र सर्वाधिकार: आजाद सिंह, © Ajad Singh, समदा झील, सुचित्तागंज, अयोध्या, फैजाबाद, उत्तर प्रदेश, March 10, 2019

Knob-Billed Duck नकटा

नकटा को जलाशयों के निकट वृक्षों पर रहना अधिक प्रिय है। अत: इसे पेड़ की बतख भी कहा जाता है। इसकी चोंच के ऊपर एक बड़ा सा उभार निकला होता है। इसी से इसका अभिजान सरल हो जाता है।

Common Redshank सुरमा, चित्र सर्वाधिकार: आजाद सिंह, © Ajad Singh, सरयू आर्द्र भूमि, माझा, अयोध्या, फैजाबाद, उत्तर प्रदेश, December 02, 2018

Common Redshank सुरमा

Common Redshank या सुरमा एक यूरेशियन पक्षी है जो भारत में लद्दाख हिम क्षेत्र में रहता है परन्तु शीत ऋतु के हिमपात वृद्धि होने पर भारत के अन्य क्षेत्रों में आ जाता है एवं मार्च माह तक शीत ऋतु बीतने पर पुन: हिम पर्वत क्षेत्र में लौट जाता है।

Red-crested Pochard (Male) लालसर (नर), चित्र सर्वाधिकार: आजाद सिंह, © Ajad Singh, समदा झील, सोहावल, अयोध्या, फैजाबाद, उत्तर प्रदेश, January 29, 2019

Red-crested Pochard लालसर

Red-crested Pochard लालसर एक पनडुब्बी बतख है जो भारत का ऋतु-प्रवासी पक्षी है। शीतकाल प्रारम्भ होते ही उत्तर में पञ्जाब से लेकर दक्षिण के हैदराबाद तक आता है।

Greylag Goose कलहंस, चित्र सर्वाधिकार: आजाद सिंह, © Ajad Singh, समदा झील, सोहावल, अयोध्या, फैजाबाद, उत्तर प्रदेश, January 19, 2019 & January 20, 2019

Greylag Goose कलहंस

धूसर (grey) एवं श्याव (भूरा), ये दो रंग भारत में इस पक्षी के हंस से भिन्न अभिज्ञान हेतु प्रयुक्त होते रहे। हंस संस्कृत एवं भारतीय साहित्य तथा आख्यानों, पुराणों, कथाओं आदि में इस देश के मानस में गुम्फित रहा है।