Live in the moment सत् चित्त आनंद : सनातन बोध – 41

Live in the moment चित्त एकाग्रता। आधुनिक मनोविज्ञान सत् चित्त आनंद की निष्पत्ति तक तो आ चूका है परन्तु उस स्थिति को प्राप्त करने का उपाय अभी आधुनिक मनोविज्ञान नहीं बता पा रहा परन्तु सनातन दर्शन इसका हल भी बताता है।

अनासक्ति व प्रेम सम्बन्ध Detachment and Relationship : सनातन बोध – 36

अनुकम्पा और मोह से अनासक्त हो वस्तुनिष्ठ होने की बात है। भ्रान्ति से परे सम्बन्‍धों और संसार को समझने की बात है, सुखमय प्रेम और दाम्पत्य के लिए ।

Cruel to Be Kind हितकर कठोरता : सनातन बोध – 35

संसार में कुछ भी आनन्‍ददायक तब तक नहीं, जब तक हम उसमें पारङ्गत नहीं हो जाते और किसी भी विषय में पारङ्गत होने के लिए कठिन परिश्रम आवश्यक है।