धर्षण rape कोलाहल विद्या : सा विद्या या विमुक्तये

धर्षण rape कोलाहल विद्या : सा विद्या या विमुक्तये

धर्षण rape कोलाहल विद्या -कृत्रिम औचित्य के चक्कर में पुरुष अपने गुणों को ही गँवा देगा तो जो महती क्षति वह स्त्रियों को अधिक कुप्रभावित करेगी। किसी भी सभ्य समाज में जननी स्वरूपा स्त्री का सम्मान व सुरक्षा बड़े आदर्श होते हैं, हमारे यहाँ भी हैं और रहेंगे किंतु यह भी सच है कि उन्हें बनाये रखने हेतु मानसिक रूप से स्वस्थ, आत्मग्लानि या आत्मघाती वितृष्णा से मुक्त धर्मनिष्ठ साहसी पुरुष परम आवश्यक हैं, तब और जब कोई समाज चहुँओर आक्रमणों को झेल रहा हो।

यूआरएल स्लग क्या है

यूआरएल स्लग क्या है

इन्टरनेट, वेब ब्राउज़र आदि पर घूमते हुए आपको कभी ‘स्लग (Slug)’ यूआरएल का नाम सुनाई दिया। पर्मालिंक, शोर्ट लिंक, प्रीटी पर्मालिंक (Pretty Permalink) आदि शब्द। जी हाँ आज यही जानते हैं ये क्या है?

Andropogon muricatus usira उशीर Vetiver खस और बुद्ध : लघु दीप - ३१

Andropogon muricatus usira उशीर Vetiver खस और बुद्ध : लघु दीप – ३१

Andropogon muricatus usira उशीर ‍~ तुम्हारे कल्याण के लिये कहता हूँ – जैसे खस के लिये लोग उसीर को खोदते हैं, वैसे ही तुम तृष्णा की जड़ खोदो। नळ उस धरा पर बहुलता से होने वाला तृण है जिस पर कभी बुद्ध भ्रमण करते थे। उसकी जड़ें बहुत दूर तक पहुँचती हैं। अगले अङ्क में भी तो कुछ जानना है न?

Bengal bush lark अगिन। चित्र सर्वाधिकार: आजाद सिंह, © Ajad Singh, सरयू आर्द्र भूमि, माझा, अयोध्या-224001, उत्तर प्रदेश, June 25, 2017

Bengal bush lark अगिन

Bengal bush lark अगिन, खुले मैदानों और खेतों में पाई जाने वाली चिड़िया है। जिसे खेतों में दाना चुगते या फिर झाड़ियों पर बैठे हुए देखा जा सकता है। इसका आवास जल स्रोतों के निकट अधिक होता है। इसकी लम्बाई लगभग ६ इंच होती है। अभिज्ञान या दिखने में इसके नर और मादा एक जैसे होते हैं।

यः ज्ञः एन कल्पन्ताम् – ललित और गणित का घालमेल

यः ज्ञः एन कल्पन्ताम् – ललित और गणित का घालमेल या कुछ और भी?

प्रश्न तो यह उठना चाहिये कि क्या वैदिक ऋषि इन मन्त्रों द्वारा गणित के एक महत्वपूर्ण सूत्र को व्यक्त करने हेतु, भाषा गणित की और शैली ललित की, चुन कर अपनी संततियों को अपने ज्ञान के आगार के रहस्यमय तालयन्त्र की कोई गुप्त कुञ्चिका दे गया था जिसे उसकी संततियों ने अज्ञानवश, प्रमादवश, अविश्वासवश, या काल के क्रम में कहीं खो दिया?

Mahāmṛtyuñjaya Mantrā महामृत्युञ्जय मंत्र Markandeya Rishi, Lord Shiva and Yamraj, Raja Ravi Verma Painting

Mahāmṛtyuñjaya Mantra महामृत्युञ्जय मंत्र

त्र्य॑म्बकं यजामहे सु॒गन्धिं॑ पुष्टि॒वर्ध॑नम् । उ॒र्वा॒रु॒कमि॑व॒ बन्ध॑नान्मृ॒त्योर्मु॑क्षीय॒ मामृता॑त् ॥ तीन अम्बक वाले (सूर्य, चन्द्र, अग्नि नेत्र वाले, या जिसकी अम्बिका स्त्री हैं) की पूजा करते हैं, जो सुगन्ध या दिव्य गन्ध युक्त है तथा पुष्टि साधनों की वृद्धि करता है। जैसे ककड़ी का फल पकने पर स्वयं टूट जाता है, उसी प्रकार मृत्यु द्वारा शरीर से मुक्त हो जायेंगे, पर अमृत से हमारा सम्बन्ध नहीं छूटता।

Emerald Dove (Male) पन्ना कबूतर हरित कपोत (नर)। चित्र सर्वाधिकार: आजाद सिंह, © Ajad Singh, कतर्निया वन्यजीव अभयारण्य उत्तर प्रदेश, निशंगाराह मार्ग, बहराइच - 271855, उत्तर प्रदेश, April 08, 2018

Emerald Dove पन्ना कबूतर हरित कपोत

पन्ना कबूतर अपने नाम के अनुरूप ही पन्ना जैसा कान्तिमान हरित वर्ण का होता है। यह भारतीय राज्य तमिलनाडु का राज्य पक्षी है। श्रीलङ्का में इसकी एक दूसरी प्रजाति Chalcophaps robinsoni पाई जाती है।

श्राद्ध और सम्बन्धी

श्राद्ध और सम्बन्धी

श्राद्ध और सम्बन्धी – हम पितरों को कृष्णतिल एवं पयमिश्रितजल अर्पण करते हैं। एक गृहस्थ द्वारा षोडश दिवसपर्यन्त नित्य तर्पण किया जाना चाहिए।

संस्कृत संस्कृति संस्कार

संस्कृत संस्कृति संस्कार : शब्द – ६

आज श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को सभी संस्कृतप्रेमी संस्कृत-दिवस का आयोजन कर रहे हैं। कहा गया है- “संस्कृति: संस्कृताश्रिता” अर्थात् ‌ भारत की संस्कृति संस्कृत भाषा पर ही आश्रित या निर्भर है।

वेद से लिपि का उद्भव तथा वर्गीकरण Scripts - Vedic Origin & Classification

वेद से लिपि का उद्भव तथा वर्गीकरण Scripts – Vedic Origin & Classification

ऋग्वेद के प्रथम सूक्त के दो शब्दों का व्यवहार केवल तमिल-तेलुगू में होता है – दोषा = रात, वस्ता = दिन। इसकी वृद्धि कर्णाटक में हुयी।

gerontology जराविज्ञान

Gerontology जराविज्ञान व वृद्धावस्था : सनातन बोध – ८०

Gerontology जराविज्ञान – अभिवादनशीलस्य नित्यं वृद्धोपसेविन:। चत्वारि तस्य वर्धन्ते आयुर्विद्या यशोबलं ॥… देहे कौमारं यौवनं जरा।

Red Collared-dove अरुण कपोतक। चित्र सर्वाधिकार: आजाद सिंह, © Ajad Singh, सरयू आर्द्र भूमि, माझा, अयोध्या-224001, उत्तर प्रदेश, May 25, 2020

Red Collared-dove अरुण कपोतक

Red Collared-dove अरुण कपोतक भारत वर्ष के पण्डुक पक्षियों में अकेला है जिसमें नर और मादा पक्षी रङ्ग-रूप में भिन्न होते हैं। इसका शरीर लालिमा युक्त पाटल वर्णीय होता है।

Sundarkand रामपत्नीं यशस्विनीम्

Sundarkand रामपत्नीं यशस्विनीम् : रामायण – ५५

Sundarkand रामपत्नीं यशस्विनीम् – – मैंने पिघले कञ्चन के समान सुंदर वर्ण वाली सीता को देखा। उन कमलनयनी का मुख उपवास के कारण कृश हो गया था।

Do Animals have Moral मानवेतर जीव-चेतना

Do Animals have Moral मानवेतर जीव-चेतना? : सनातन बोध – ७८

क्या अन्य जीवों को भी अनुभूति होती है? क्या वो भी सोच पाते हैं? ये प्रश्न या तो अन्य परम्पराओं में उठे ही नहीं या इनका उत्तर सकारात्मक नहीं रहा। वहीं इन प्रश्नों का उत्तर सनातन दर्शन में सहज ही स्पष्ट है।

प्रागैतिहासिक : शब्द – ४

प्राक्+ इतिहास में क् के बाद इ आने पर क् अपने तृतीय ग् में परिवर्तित हो गया। इस तरह यह प्राग् बना। इतिहास में ठक् प्रत्यय होने से इ ऐ में परिवर्तित हो गया और बना ऐतिहासिक। प्राग्+ ऐतिहासिक = प्रागैतिहासिक ।

Red-vented Bulbul (Juvenile) गुल्दुम बुलबुल (किशोर)। चित्र सर्वाधिकार: आजाद सिंह, © Ajad Singh, सरयू नदी का किनारा, माझा, अयोध्या, उत्तर प्रदेश, June 27, 2020

Red-vented Bulbul कलसिरी बुलबुल गुल्दुम, Pycnonotus cafer

Red-vented Bulbul गुल्दुम बुलबुल की पूँछ का अंतिम छोर श्वेत वर्ण व मूल भाग का वर्ण गहन रक्त वर्णीय होता है। जिससे इसका अभिज्ञान अत्यंत सरल है। इसकी आक्रामक (झगड़ालू) प्रवृत्ति के कारण ही एक समय इसको लोग लड़ने के लिए पालते भी थे।

शुन:शेप आख्यान ज्योतिष वेद यज्ञ यजुर्वेद खगोल विज्ञान

शुनःशेप ऐतरेय ब्राह्मण आख्यान : ठिठके प्रश्न, भटकते उत्तर

एक था शुनःशेप, वरुण की वेधशाला का अभ्यर्थी, जिसे स्वयं नहीं ज्ञात था कि वह अभ्यर्थी भी है और दूसरे थे वरुण की वेधशाला के वर्तमान कुलपति ऋषि विश्वामित्र जो अभ्यर्थी की परीक्षा ले रहे थे।

धम्मदीक्षा दास हेतु नहीं – न भिक्खवे दासो पब्बाजेत्तब्बो

धम्मदीक्षा दास हेतु नहीं – विकृत एवं मिथ्या दृढ़कथन व मान्यतायें। वैश्विक स्तर पर राजनीतिक एवं स्वार्थी आग्रहों से बँधी अकादमिकी का यही सच है।