आदिकाव्य रामायण से – 23 : सुन्दरकाण्ड, [गमनं वा परस्त्रीणां हरणं – रावण का धर्म]
सुन्दरकाण्ड : पत्तों के झुरमुट में पुष्पों से ढक से गये हनुमान ने उसे पहचानने का प्रयत्न किया। विचित्र वस्त्राभरणों को धारण किये हुये रावण के कान ऐसे थे जैसे कि खूँटे गाड़ रखे हों! – क्षीबो विचित्राभरणः शङ्कुकर्णो। यह निश्चय कर कि यही रावण है, मारुति जहाँ बैठे थे, वहाँ से कुछ नीचे उतर आये ताकि ठीक से देख सकें।
सरल यांत्रिकता की विशेषज्ञों से श्रेष्ठता : सनातन बोध – 20
सनातन बोध : केवल सबसे महत्त्वपूर्ण कारकों को लेकर यदि हम एक साधारण प्रतिरूप बना लें तो साधारण सूत्रों से कई जटिल प्रश्नों के उत्तर सरलता से दिये जा सकते हैं, तथाकथित विशेषज्ञों के अनुमान से अधिक अचूक। मनोविज्ञान का इन अबूझ प्रश्नों के लिए गणित की ओर मुड़ना भी कोई आश्चर्य नहीं!
बड़ा पतिरिंगा Merops philippinus
Blue-Tailed Bee-Eater बड़ा पतिरिंगा। यह जल स्रोतों के पास के मैदानों में पाई जाने वाली चिड़िया है। लम्बी पतली शक्ल। लम्बी नुकीली चोंच और पूछ के लम्बे पंखों के कारण आसानी से पहचान जा सकता है।
मानवता के निजी सङ्कट एवं जैव विविधता
मानवता के निजी सङ्कट : सामूहिक छ्ल एवं वर्ग स्वार्थ का उपयोग स्वहित वह लघु वर्ग करता रहा है जोकि किसी भी देश का शासक होता है। सामान्य जन को फुसलाना तथा बहका देना बहुत सरल है किंतु वह वर्ग जोकि चेतना के शीर्ष पर विराजमान है, भोलेपन का अभिनय क्यों कर रहा है? सुविधाजीवी बौद्धिक पाखण्ड का प्रभाव तो नहीं?
बीमा या निवेश, प्राथमिकता किसे?
बीमा या निवेश ? : मृत्यु निश्चित है, परंतु तिथि निश्चित नहीं है, हम अमृत चखकर नहीं आये हैं, जाना निश्चित है। चिंतन कीजिये कि यदि आप इसी क्षण से परिवार के साथ नहीं हैं तो वे कैसे रहेंगे! तत्काल ही बीमा लीजिये, निवेश की प्राथमिकता बीमा के पश्चात रखिये।
tiny lamps in darkness लघु दीप अँधेरों में – 2
लघु दीप अँधेरों में : भारत में विभिन्न तीर्थ स्थलों एवं गंङ्गा, यमुना, नर्मदा इत्यादि अनेक नदियों में इसका बहुत ही प्रभावी उपयोग हो सकता है। सहमत हैं तो बात आगे एवं ऊँचे बढ़ाइये न!
