RGTS Professor, Electrical and Computer Engg. Oklahoma State University

A Note on Caste जाति पर एक बात

A Note on Caste जाति पर एक बात : ब्राह्मण, योद्धा, व्यापारी एवं सामान्यजन ज्ञान प्राप्ति हेतु समानरूप से प्रभावशाली कहे गए हैं। इसे ज्ञानयोग, कर्मयोग, राजयोग एवं भक्ति योग के में भी प्रतिबिंबित किया गया है। यहां तक कि सरस्वती पूजा, दशहरा, दिवाली एवं होली भी भिन्न प्रकार की प्रवृत्तियों को उत्सव के रूप में मनाना है।

गायें, वृषाकपि, एकशृंग, वाराह और सरस्वती सिंधु (हड़प्पा) की प्रतीक विद्या

यास्क द्वारा ‘गौ’ के दिये गये अर्थों का अनुक्रम देखें तो हमें भारत में गाय की पवित्रता से सम्बंधित प्रश्न का उत्तर मिल जाता है। गाय पृथ्वी की पवित्रता का प्रतीक है। यवनों ने भी पृथ्वी को गाय के प्रतीक में ही देखा, गाइया।

यहूदियों के भारतीय मूल पर अरस्तू : संभावनाओं के सूत्र

आर्य-ईरानी क्षेत्र में मिस्री-भारतीय सम्पर्क की स्मृति अभी बाकी है। अपनी पुस्तक तारीख़-अल-हिंद में युद्ध के रथों की बात करते समय ईरानी विद्वान अल-बरूनी यवनों द्वारा इन रथों के प्रथम प्रयोग के दावे को गलत ठहराता है। अल-बरूनी के अनुसार उस क्षेत्र में ऐसे रथों का प्रथम निर्माण जल-प्रलय के 900 वर्ष बाद मिस्र के हिंदू शासक एफ्रोडिसियोस (Aphrodisios) द्वारा किया गया था।

यज़िदी : एक करुण पुकार

सुभाष काक सम्भवत: किसी और नृवंश ने यज़िदी लोगों जैसा संत्रास नहीं झेला है। ईराक़ में अल-क़ायदा ने उन्हें काफिर घोषित कर उनके सम्पूर्ण नरसंहार की अनुमति दी। 2007 में सुनियोजित कार बमों की शृंखला ने उनमें से लगभग 800 की हत्या कर दी।   इस्लामिक स्टेट ने 2014 में यज़िदी नगरों और गाँवों के विनाश…