सनातन बोध : प्रसंस्करण, नये एवं अनुकृत सिद्धांत – 2

बुद्ध द्वारा प्रस्तावित निवारण की विधियाँ मस्तिष्क की इस क्रमिक विकास से हुई परिणति से विपरीत उसे उलटी गति में ले जाकर सत्य का आभास कराती हैं। विकासवादी मनोविज्ञान और इस सनातन दर्शन में क्या एक ही बात नहीं है?

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वैदिक साहित्य – 1

वैदिक साहित्य चेतना के स्तर अनुसार वेदों के मंत्र अपने कई अर्थ खोलते हैं। कतिपय विद्वानों की मान्यता है कि किसी श्रुति के छ: तक अर्थ भी किये जा सकते हैं – सोम चन्द्र भी है, वनस्पति भी है, सहस्रार से झरता प्रवाह भी। वेदों के कुछ  मंत्र अतीव साहित्यिकता लिये हुये हैं। इस शृंखला…

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स्वास्थ्य बीमा सुवाह्यता (Health Insurance Portability)

वर्ष 2011 में भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDA) ने भारत में लगभग हर प्रकार के बीमे पर यह सुविधा उपलब्ध करवा दी कि यदि कोई अपनी वर्तमान बीमा कंपनी से संतुष्ट नहीं है तो वह वर्तमान बीमा कंपनी से अपना बीमा नयी कंपनी में ले जा सकता है अर्थात पोर्ट करवा सकता है।

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अवधी चिरइयाँ : पपीहा (Hierococcyx varius)

वैज्ञानिक नाम: Hierococcyx varius हिन्दी नाम: पपीहा, अन्य नाम: कपक, उपक, भुराव चोकगल्लो(बंगाल) अंग़्रेजी नाम: Common hawk-cuckoo, Brainfever bird चित्र स्थान और दिनाङ्क: सरयू का कछार क्षेत्र, अयोध्या, 16/04/2017 छाया चित्रकार (Photographer): आजाद सिंह Kingdom: Animalia Phylum: Chordata Class: Aves Order: Cuculiformes Family: Cuculidae Genus: Hierococcyx Species: Varius Category: Perching Bird Wildlife schedule: IV विवरण:…

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संस्कृते अङ्कानांसंख्यानांच प्रयोगः

संस्कृते अङ्कानांसंख्यानांच प्रयोगः – संस्कृत तकनीकी ग्रंथों में अङ्‌क सङ्‌ख्या प्रयोग

संस्कृते अङ्कानांसंख्यानांच प्रयोगः संस्कृत तकनीकी ग्रन्थेषु  यथा ज्योतिष शास्त्रे, शुल्ब सूत्रे, आयुर्वेदे प्रायः अङ्कानां संख्यानां च प्रयोगे एका विशिष्टा शैली उपयुज्यते । अद्य एतोपरि चर्चा तथा उदाहरेण अवगन्तुं प्रयासं करिष्यामः । संस्कृतग्रन्थेषु गणितसंबन्धिने  बहुधा छन्दप्रयोगः अभवत्, पद्यरुपाः अस्माकं ग्रन्थाः । छन्दबाहुल्यः संस्कृत परम्परायाः विशिष्टता अस्ति, बहवः प्रकारकाः छन्दाः भवन्ति । गायत्रीत्रिष्टुप्अनुष्टुप इत्यादि विभिन्न छन्दानां नामाः…

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राष्ट्र की ‘शक्ति’ पूजा

राष्ट्र की ‘शक्ति’ पूजा : मौलिक कल्पना

राष्ट्र की ‘शक्ति’ पूजा :शक्ति निस्तेज है यदि वह सैन्यबल का समुचित उपयोग न कर सके। यह मौलिक शक्ति कल्पना महती आवश्यकता है।

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