विकल्प-मानक-आदर्श , सनातन बोध – 25

विकल्प-मानक-आदर्श सनातन बोध पिछले भाग से आगे पारंपरिक सामाजिक मूल्यों एवं  आधुनिक भौतिक एवं व्यावसायिक मानकों के तुलनात्मक अध्ययन में आधुनिक मान्यताओं की कई भ्रान्तियाँ स्पष्ट होती हैं, यथा व्यक्तिगत स्वतंत्रता को सबसे बड़ा सुख मान लेना! व्यक्तिगत स्वतंत्रता और विकल्पों की अधिक से अधिक उपलब्धि पर हार्वर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर डेनियल गिल्बर्ट का रोचक…

Presentism सम्प्रतित्व सिद्धांत , सनातन बोध – 24

Presentism सम्प्रतित्व सिद्धांत : एक बाह्य पर्यवेक्षक के रूप में मनोविज्ञान सबसे उत्कृष्ट समझ प्रदान करता है। ये बातें सनातन सिद्धांतों की व्याख्या भर लगती है। उनका यह निष्कर्ष कि यथार्थ का हमारा विवेचन वास्तव में यथार्थ का एक संस्करण भर है, भला अनेकान्तवाद एवं माया के सिद्धांतों से कहाँ भिन्न है?

Frequency Illusion आवृत्ति भ्रान्ति : सनातन बोध – 23, Baader-Meinhof Phenomenon

Frequency Illusion आवृत्ति भ्रान्ति : पहला, चयनित ध्यान (selective attention) जब हम किसी नयी बात पर अटक जाते हैं तब अवचेतन मन उस वस्तु को ढूँढ़ता रहता है। दूसरा, पुष्टिकरण पक्षपात (confirmation bias) जिससे हर बार उस वस्तु के दिखने पर इस भ्रम की पुष्टि होती है कि अत्यल्प काल में ही वह बात सर्वव्यापी हो गयी है।

Identifiable victim effect अभिज्ञेय पीड़ित प्रभाव एवं आईकिया प्रभाव : सनातन बोध – 22

एक रोचक मनोवैज्ञानिक अध्ययन है। जिसके अनुसार मानव मस्तिष्क साधारण ज्ञान के स्थान पर विशेष को प्राथमिकता देता है। विस्तृत आँकड़ों के स्थान पर विशेष उदाहरण को। जैसे हमें किसी व्याधि के बारे में बताकर पीड़ितों की सहायता करने को कहा जाय तो हम संभवतः दान नहीं देते परन्तु किसी एक विशेष पीड़ित व्यक्ति का चित्र दिखाकर हमसे सहायता मांगी जाय तो वो अधिक प्रभावी होता है। अभिज्ञेय पीड़ित प्रभाव (identifiable victim effect) के नाम से प्रसिद्ध इस संज्ञानात्मक पक्षपात से किसी भी समस्या की हम तब तक उपेक्षा करते रहते हैं जब तक हम स्वयं या कोई अपना भुक्तभोगी न हो।

Miswanting या इच्छा का मिथ्यानुमान : सनातन बोध – 21

Miswanting या इच्छा का मिथ्यानुमान : सुनने में असहज प्रतीत होता है कि भला हम मिथ्या  इच्छा  (miswant) कैसे कर सकते हैं? यह सोचें कि भविष्य में आपको किन बातों से सुख प्राप्त हो सकता है? जब इस प्रश्न के बारे में हम यह सोचते है तो प्रायः उन बातों के बारें में सोचते हैं जिनके होने से हमें वास्तविक सुख प्राप्त नहीं होना।

सरल यांत्रिकता की विशेषज्ञों से श्रेष्ठता : सनातन बोध – 20

सनातन बोध : केवल सबसे महत्त्वपूर्ण कारकों को लेकर यदि हम एक साधारण प्रतिरूप बना लें तो साधारण सूत्रों से कई जटिल प्रश्नों के उत्तर सरलता से दिये जा सकते हैं, तथाकथित विशेषज्ञों के अनुमान से अधिक अचूक। मनोविज्ञान का इन अबूझ प्रश्नों के लिए गणित की ओर मुड़ना भी कोई आश्चर्य नहीं!

वाद्यवृन्द वाहन प्रभाव bandwagon effect (समूह अनुकरण) : सनातन बोध – 19

वाद्यवृन्द वाहन प्रभाव bandwagon effect : राशिफल और ज्योतिष भविष्यवाणी करने वाले कुछ इस प्रकार की बातें करते हैं जो सबके लिए ही सच होती हैं पर हम उसे अपनी बातों से जोड़कर देख लेते हैं और हमें सब कुछ सच लगता है. ये फ्रेमिंग प्रभाव (framing effect) की ही तरह है जिसकी चर्चा हम पिछले एक लेखांश में कर चुके हैं.