कृष्ण जन्माष्टमी एवं पुराण

श्रीकृष्ण , एक नाम जिसने सम्पूर्ण भारत के स्नेह को स्वयं में सहस्राब्दियों से समाहित कर रखा है। कान्ह, कान्हा, कन्हैया, ठाकुर जी, रसिया, गोविन्‍द, रणछोड़, भगवान जैसे नामों से लोक में पुकारे जाते श्रीकृष्ण के विराट महामानवी रूप की परास ऐसी है कि वह प्रत्येक वय, प्रत्येक भाव, प्रत्येक कर्म को समो लेती है।

प्राकृत सुभाषित : Tiny lamps लघु दीप – 15

वाद विवाद की औपनिषदिक परम्परा में समुचित उत्तर नहीं दे पाने वाले के सिर कट कर गिर जाने के उल्लेख मिलते हैं या चेतावनियाँ भी।

Matsya Puran मत्स्य पुराण [पुराण चर्चा -1 : विष्णु दशावतार तथा बुद्ध – 5]

Matsya Puran मत्स्य पुराण में परशुराम संज्ञा नहीं है, न उनके अवतरण की कोई कथा एवं न ही किसी प्रतिशोध की। भार्गव राम या राम जामदग्न्य उल्लिखित हैं।

आदिकाव्य रामायण से – 34, सुन्‍दरकाण्ड [वचोऽभिरामं रामार्थयुक्तं विरराम रामा]

न चास्य माता न पिता च नान्यः स्नेहाद्विशिष्टोऽस्ति मया समो वा ।
तावत्त्वहं दूत जिजीविषेयं यावत्प्रवृत्तिं शृणुयां प्रियस्य ॥
न माता से, न पिता से एवं न किसी अन्य से उनका प्रेम, मेरे प्रति प्रेम से विशिष्ट है (अर्थात मेरे प्रति उनका प्रेम समस्त सम्बन्‍धों के प्रेम से विशिष्ट है)।
अत:, हे दूत ! मेरी जीने की इच्छा तब तक ही बनी रहनी है, जब तक मैं अपने प्रिय का वृतान्‍त सुनती रहूँ।

Indian Paradise Flycatcher दूधराज /Common Paradise Flycatcher

दुग्धराज या दूधराज मध्य प्रदेश का राजकीय पक्षी है। वैदिक वाङ्मय एवं संंस्कृत साहित्य में यह सुंदर पक्षी बहुवर्णित है।