हम भारतीय लोग अपने वित्तीय जीवन को नष्ट करने के लिये

वित्तीय अनुशासन के अभाव में हम भारतीय लोग अपने ‘वित्तीय जीवन’ को नष्ट करने के लिये क्या-क्या नहीं करते हैं!  जब भी हम रूपये पैसे की बातें करते हैं तो ‘हम भारत के’ लोगों का मन रोता है, क्योंकि हम अपने धन के बारे में कभी भी किसी से भी बात ही नहीं करना चाहते…

अवधी चिरइयाँ : पीलक Oriolus oriolus

पीलक पूर्वोत्तर भारत को छोड़कर हमारे देश में प्रायः सभी स्थानों पर पाये जाते हैं। यह द्विरूपी (Dimorphic) द्विरूपी पक्षी है। पीलक पूर्वोत्तर भारत को छोड़कर हमारे देश में प्रायः सभी स्थानों पर पाये जाते हैं। हिमालय में ये 2000 मीटर की ऊँचाई तक पाये जाते हैं।

Rohingya Muslims रोहिंग्या मुसलमान

Rohingya Muslims रोहिंग्या मुसलमान : भारत के विरुद्ध जिहादी ट्रॉजन हॉर्स

1235 ई.। नालंदा विश्वविद्यालय अपनी पूर्व कीर्ति और वैभव की जर्जर स्मृति-मात्र रह गया था। उसके बचे भग्नावशेषों में गया के राजा बुद्धसेन और ओदंतपुरी निवासी ब्राह्मण शिष्य जयदेव के अनुदानों से 70 शिष्यों के साथ भदंत राहुल श्रीभद्र शिक्षा दीक्षा की परम्परा को जीवित रखे हुये थे। पहले के इस्लामी तुर्क आक्रमण से बचे…

आदिकाव्य रामायण से – 17 : सुंदरकाण्ड [मार्गमाणस्तु वैदेहीं सीतामायतलोचनाम्]

आदिकाव्य रामायण से – 16 से आगे … गंध प्रतिमा अनिल द्वारा प्रेरित हो अंत:पुर में हनुमान जी के प्रवेश से पहले वाल्मीकि ने सुंदर प्रयोग किये हैं। उस भवन का विस्तार बताने के लिये ‘आयत’ शब्द का प्रयोग करते हैं, एक योजन लम्बा और आधा योजन चौड़ा – अर्धयोजनविस्तीर्णमायतं योजनं हि तत्! 1:2 का…

अधूरी सूचना की सनसनी, सनातन बोध : प्रसंस्करण, नये एवं अनुकृत सिद्धांत – 11

अधूरी सूचना की सनसनी : लोगों की धारणायें प्राय: उनकी भावनाओं से, पारंपरिक अर्थशास्त्र की लाभ-हानि (risk reward) को सोचे बिना, निर्धारित होती हैं।

गर्देज़ के गणेश : दाङ्ग से कुभा तक की यात्रा का रहस्य खोलते हुये

कुभा, कु +भा। जिस नदी के जल की आभा मटमैली हो, कुभा, आज की काबुल नदी। कुभा से लगे नगर काबुल की वीथियों में घूमता मैं ऋग्वैदिक ऋषियों श्यावाश्व और प्रैयमेध का स्मरण करता हूँ, समय ने इस नगर पर ध्वंस के इतने प्रहार किये हैं कि इसकी कीर्ति कुभा के जल सी मटमैली हो…