अवधी चिरइयाँ : गोजा (Saxicola maurus)

Saxicola maurus, गोजा, गप्पीदास। अलग अलग जोड़े खुले क्षेत्र में धान एवं गन्ने के खेतों में पौधों के ऊपर बैठकर कीटों को देखते रहते हैं। अङ्ग्रेजी नाम Stonechat का स्रोत नर की बोली से प्रतीत होता है जो दो पत्थर के टुकड़ों को लड़ाने से निकली ध्वनि के समान होती है।

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नवसंवत्सरोऽयं

अद्य नवसंवत्सर पर्वः अस्ति। सामान्यतया अस्माकं भारत देशे कार्यालयेषु, वित्तकोषेशु, विद्यालयेषु सामान्यजनाः व्यवहारे ख्रीष्ट वर्षपदः उपयुज्यते।

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यज़िदी : एक करुण पुकार

सुभाष काक सम्भवत: किसी और नृवंश ने यज़िदी लोगों जैसा संत्रास नहीं झेला है। ईराक़ में अल-क़ायदा ने उन्हें काफिर घोषित कर उनके सम्पूर्ण नरसंहार की अनुमति दी। 2007 में सुनियोजित कार बमों की शृंखला ने उनमें से लगभग 800 की हत्या कर दी।   इस्लामिक स्टेट ने 2014 में यज़िदी नगरों और गाँवों के विनाश…

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जनसंख्या : ‘भाव’ और ‘अभाव’ पंथी एवं भविष्य

उल्लेखनीय है कि आगे के दो दशकों में भारत की जनसंख्या चीन को पार कर जायेगी और यह संसार का सबसे युवा देश होगा। एक ओर निरंतर बढ़ते हाथों को काम और मूलभूत सुविधायें उपलब्ध कराने की चुनौती होगी तो दूसरी ओर उनकी कार्यकुशलता की गुणवत्ता की दयनीय स्थिति तनाव भी बढ़ायेगी। उस तनाव का अनुमान अभी से लगाया जा सकता है जब कि अभियांत्रिकी की शिक्षा पाये युवाओं का अधिकांश भाग किसी काम लायक नहीं पाया जा रहा है! ऐसे में सीमित संसाधनों पर भारी दबाव होगा।

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सम्वत्सर और पञ्चाङ्ग – 1

ऋत को जीवन में उतारने को उद्यत कवि की ऋचा ने एक विराट रूपक का आकार ले लिया जिसमें सात सवारियाँ थीं, सप्त नाम का अश्व जिसे खींचता, रथ ऐसा था कि उसमें बस एक चक्का था जब कि तीन धुरियाँ थीं। वह चक्का न ढीला पड़ता और न नष्ट होता जब कि रथ में विश्व भुवन स्थित थे!

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शून्य – 5

शून्य – 1, शून्य – 2 , शून्य – 3, शून्य – 4 से आगे … शून्य के वर्तमान गोले के रूप में लिखे जाने की परंपरा कब से आरम्भ हुई इसका ठीक ठीक पता नहीं पर ग्वालियर के चतुर्भुज मंदिर में अंकित शून्य ही प्रथम लिखित शून्य  के रूप में मान्य है वैसे शून्य…

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