संज्ञानात्मक पक्षपात inattentional blindness (सनातन बोध: प्रसंस्करण, नये एवं अनुकृत सिद्धांत – 6)
संज्ञानात्मक पक्षपात inattentional blindness का अध्ययन चेतना की दृष्टिहीनता को बताता है। सभी सनातन ग्रंथों में चैतन्य को सर्वश्रेष्ठ विज्ञान कहा गया है। सनातन बोध : प्रसंस्करण, नये एवं अनुकृत सिद्धांत – 1 , 2, 3, 4 और 5 से आगे … संज्ञानात्मक पक्षपात संज्ञानात्मक पक्षपातों का अध्ययन इस बात का अध्ययन है कि हम किसी बात…
शर्वरी लोरी : वैदिक साहित्य की एक बरसाती पूर्णिमा
शर्वरी लोरी : वर्षा ऋतु का चन्द्र वृषभ है। समुद्र का किनारा है, पूर्णिमा है और चन्द्र निकल आया है। स्वच्छ आकाश में तारक गण हैं और बरसती चाँदनी भी है।
इस्राएल के अनुभवों से भारत क्या सीख सकता है?
What India can learn from Israel यशार्क पाण्डेय आज बदले माहौल में इस्राएल के अब तक के युद्ध अनुभव से भारत क्या सीख सकता है। साथ ही ऑपरेशन थंडरबोल्ट, एंटेबे की कहानी। साथ ही संनिघर्षण युद्ध (War of Attrition) की नीतियाँ। गतांक में हम इस्लामिक स्टेट पाकिस्तान द्वारा पोषित आतंकवाद के विरुद्ध स्पेशल ऑपरेशन फ़ोर्स की…
अवधी चिरइयाँ : घोंघिल ( Anastomus ositans )
घोंघिल लगभग 76 सेंटीमीटर ऊँचाई का स्थानीय स्थानांतरण करने वाला प्रवासी जलीय पक्षी है। घोंघे और केंकड़े इसके प्रमुख आहार होने के कारण इसे यह नाम मिला है। बन्द करने पर भी चोंच किञ्चित खुली सी रहती है जिसके कारण इसे अङ्ग्रेजी में Openbill कहा जाता है।
हिन्दुत्व की अच्छाइयाँ जो इस्लाम और इसाई मजहबों में नहीं हैं।
हिन्दुत्व की अच्छाइयाँ : ऐसा प्रतीत होता है कि अमेरिकी गुप्तचर संस्थायें भारतीय प्रज्ञा को स्वयं भारतीयों से भी अधिक गम्भीरता से अपनाती हैं। Goodness of Hinduism मारिया विर्थ हिन्दुत्व में ऐसी अनेक अच्छाइयाँ हैं जिनका इसाइयत और इस्लाम में अभाव है, जो कि स्पष्ट भी हैं। यदि कोई इसाई या मुस्लिम समूचे विश्व में घिसी…
संस्कृते अङ्कानांसंख्यानांच प्रयोगः (गताङ्कतः अग्रे)
त्रि (3) + त्रय(3) + अङ्ग(6) + पञ्च(5) +अग्नि(3) + कु(1) + वेद(4) + वह्नय(3); शर(5) + ईषु(5) + नेत्र(2) + अश्वि(2) + शर(5) + इन्दु(1) + भू(1) + कृताः(4)। वेद(4) + अग्नि(3) + रुद्र(11) + अश्वि(2) + यम(2) + अग्नि(3) + वह्नि(3); अब्धयः(4) + शतं(100) + द्वि(2) + द्वि(2) + रदाः(32) + भ (नक्षत्र) + तारकाः।
यहूदियों के भारतीय मूल पर अरस्तू : संभावनाओं के सूत्र
आर्य-ईरानी क्षेत्र में मिस्री-भारतीय सम्पर्क की स्मृति अभी बाकी है। अपनी पुस्तक तारीख़-अल-हिंद में युद्ध के रथों की बात करते समय ईरानी विद्वान अल-बरूनी यवनों द्वारा इन रथों के प्रथम प्रयोग के दावे को गलत ठहराता है। अल-बरूनी के अनुसार उस क्षेत्र में ऐसे रथों का प्रथम निर्माण जल-प्रलय के 900 वर्ष बाद मिस्र के हिंदू शासक एफ्रोडिसियोस (Aphrodisios) द्वारा किया गया था।
अपनी बात
आज आषाढ़ मास की पूर्णिमा है जोकि गुरु पूर्णिमा कहलाती है। क्यों? गुरु कौन? आज चन्द्र उत्तराषाढ़ नक्षत्र पर होंगे। कल से श्रावण मास आरम्भ होगा, वर्षाकाल अब संयम प्रधान होगा। ऐसे में विशेष अध्ययन अध्यापन हेतु गुरु वांछनीय होंगे ही। प्राय: 21 जून को सूर्य के आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश के साथ ही मृगशिरस…
