Little by little and bit by bit छोटे छोटे हजार दीप – 1
उत्तरी इङ्ग्लैण्ड के लीड्स नामक नगर मेंं निर्धनता के कारण 10 वर्ष से अधिक आयु की बहुत सी लड़कियाँ माहवारी के समय प्रति माह एक सप्ताह विद्यालय नहीं जातीं। विकसित देश ब्रिटेन में भी ऐसा है।
वाद्यवृन्द वाहन प्रभाव bandwagon effect (समूह अनुकरण) : सनातन बोध – 19
वाद्यवृन्द वाहन प्रभाव bandwagon effect : राशिफल और ज्योतिष भविष्यवाणी करने वाले कुछ इस प्रकार की बातें करते हैं जो सबके लिए ही सच होती हैं पर हम उसे अपनी बातों से जोड़कर देख लेते हैं और हमें सब कुछ सच लगता है. ये फ्रेमिंग प्रभाव (framing effect) की ही तरह है जिसकी चर्चा हम पिछले एक लेखांश में कर चुके हैं.
Brahmand Vayu Brahma ब्रह्माण्ड, वायु, ब्रह्म पुराण, [पुराण चर्चा -1, (राधा, परशुराम), विष्णु दशावतार तथा बुद्ध – 3]
राम जामदग्नेय को प्रतिहिंसक द्वेषी दर्शाया गया है जिसका विस्तृत विवरण ब्रह्माण्ड पुराण में अन्यत्र कहीं से ला कर जोड़ा गया है। इसकी पूरी सम्भावना है कि उस स्वतंत्र पाठ को विकृत करने के पश्चात जोड़ा गया।
समय प्रबंधन के कुछ सूत्र time management – एक दिन में 40 घण्टे, अंतिम भाग
उत्पाद को प्रथम 80 प्रतिशत स्वरूप में लाने तक यदि 20 प्रतिशत समय लगता है और शेष 20% में 80% समय तो पहले 80% को स्थायित्व देने का प्रयास किया जाना चाहिये। और उस बचे हुए 80% समय को चार अन्य कार्यों को 80% स्थायित्व देने में प्रयोग कीजिये। लड्डू खाने में रसना रञ्जक हों, उनका आकार भले ही कलाकंद जैसा हो।
इसरो ISRO – नई सोच की आवश्यकता
इसरो ISRO : ऊर्जा बढ़ानी होगी, अंतर पाट कर ऊँची कक्षा में जाना होगा। ‘विकसित’ होता भारत स्वयं की प्रतीक्षा में है, अपने अंतरिक्षीय दूरदर्शी यंत्र की प्रतीक्षा में है कि पौराणिक काल यात्राओं को आधुनिक समय के मानकों के अनुसार अनुभूत कर सके, अपनी अपार सम्भावनाओं से गँठजोड़ कर सके।
Pycnonotus jocosus बुलबुल
रक्त श्मश्रु गोवत्सक, बुलबुल Pycnonotus jocosus : इसे घने वन प्रांतर नहीं भाते। झाड़ियों से भरे हुए मैदान, उद्यान, बस्तियों के आसपास के खेत एवं खुले सपाट क्षेत्र प्रिय हैं। यह बहुत ही प्रसन्न रहने वाली चिड़िया है जो मीठी बोली बोलती है तथा जिस स्थान से इसे लगाव हो जाता है वहाँ इसे बहुतायत में देखा जा सकता है।
आदिकाव्य रामायण से – 22 : सुन्दरकाण्ड, [प्रशस्य तु प्रशस्तव्यां सीतां तां]
सुन्दरकाण्ड : संदिग्ध अर्थ वाली स्मृति, पतित ऋद्धि, विहत श्रद्धा, भग्न हुई आशा, विघ्न युक्त सिद्धि, कलुषित बुद्धि, मिथ्या कलङ्क से भ्रष्ट हुई कीर्ति। इन दो श्लोकों में कवि ने करुणा परिपाक के साथ ज्यों समस्त आर्य संस्कारों का तापसी पर अभिषेक कर दिया!
