भारतीय ज्योतिष और पञ्चाङ्ग
अरुण उपाध्याय जी द्वारा इस लेख में भारतीय ज्योतिष और पञ्चाङ्ग के विषय में आधारभूत जानकारियां बहुत ही सरल शैली में बताई गयी हैं।
संक्रांति सतुआन बैसाखी से अपर प्रतिरूप Alter Ego तक
प्रत्येक वर्ष प्रतिपदा चै. शु. 1 युगादि नवसंवत्सर आता है, बैसाखी आती हैi देश में विविध नामों से नववर्ष के रूप में मनाया जाता है। लोग यह प्रश्न भी पूछते हैं कि यह क्या चक्कर है? कुछ पञ्चाङ्ग व पण्डितों को कोसने भी लगते हैं। कोई चक्कर वक्कर नहीं है बल्कि अनेक नववर्ष भारत की प्राचीनता एवं रंग बिरंगे वैविध्य के प्रमाण हैं।
लघु दीप अँधेरों में tiny lamps in darkness – 7
आकाश में बृहस्पति एवं उसके समान पाँचेक अन्य भी हैं, किन्तु अपने विशेष पराक्रम में रुचि रखने वाला शिरमात्र शेष राहु उनसे वैर न करके परम तेजस्वी सूर्य एवं चन्द्र को ही ग्रसता है।
Black Kite / Common Pariah Kite चील अकासी
Black Kite Common Pariah Kite चील। जिसे आकाश में उड़ने के कारण ‘अकासी’ भी कहते हैं, भारत की बहुत प्रसिद्ध चिड़िया है। जो हमें रोज अपने घरों के ऊपर उड़ती हुई दिख जाती है। यह लगभग सम्पूर्ण भारत में दिखाई पड़ती है। इस बार आजाद सिंह जी का लेख इसी जानी-पहचानी चिड़िया पर।
आदिकाव्य रामायण से – 28, सुन्दरकाण्ड […प्रणष्टं, वर्षेण बीजं प्रतिसंजहर्ष]
काली पुतली, रक्ताभ कोर वाली स्वच्छ सुंदर आँखों की फड़कन का सौंदर्य दर्शाने के लिये आदिकवि ने अद्भुत कोमल प्रभावमयी उपमा का सहारा लिया है – सजल आँखें सरोवर भाँति जिसमें कमल एवं तैरती मछली, सहसा ही चित्र खिंच जाता है। क्षण को शब्दकारा में बन्दी बना लेना इसे कहते हैं।
विकल्प-मानक-आदर्श , सनातन बोध – 25
विकल्प-मानक-आदर्श सनातन बोध पिछले भाग से आगे पारंपरिक सामाजिक मूल्यों एवं आधुनिक भौतिक एवं व्यावसायिक मानकों के तुलनात्मक अध्ययन में आधुनिक मान्यताओं की कई भ्रान्तियाँ स्पष्ट होती हैं, यथा व्यक्तिगत स्वतंत्रता को सबसे बड़ा सुख मान लेना! व्यक्तिगत स्वतंत्रता और विकल्पों की अधिक से अधिक उपलब्धि पर हार्वर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर डेनियल गिल्बर्ट का रोचक…
