आदिकाव्य रामायण से – 32, सुन्दरकाण्ड [हनूमन्तं च मां विद्धि तयोर्दूतमिहागतम्]
मारुति का श्रीराम के गुह्य अङ्गों का अभिजान देवी सीता के मन में विश्वास दृढ़ करने में सहायक हुआ कि यह अवश्य ही उन्हीं का दूत है, कोई मायावी बहुरूपिया राक्षस नहीं। आगे हनुमान स्वयं कहते भी हैं – विश्वासार्थं तु वैदेहि भर्तुरुक्ता मया गुणा:। आदि कवि भी पुष्टि करते हैं – एवं विश्वासिता सीता हेतुभि: शोककर्शिता, उपपन्नैरभिज्ञानैर्दूतं तमवगच्छति।
interrogative sentence sanskrit प्रश्नवाचक वाक्य : संस्कृत सरल – २
संस्कृत सरल – 1 : प्रश्नवाचक वाक्य। भवान् कथं अस्ति ? – आप कैसे हैं ?
Red-Headed Vulture, Asian King Vulture, राजगिद्ध
गिद्ध आहार शृंखला में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखने वाला पक्षी है। राजगिद्ध या Asian King Vulture भारत का प्रसिद्ध गिद्ध है। कुछ दशक पूर्व बहुलता से पाया जाने वाला प्रकृति का ये अपमार्जकआज दुखद रूप से लुप्त होने के कगार पर खड़ा है। इस बार पढ़िए आजाद सिंह जी के लेख में।
Tiny lamps लघु दीप – 12
काल राजा का कारण है अथवा राजा काल का? ऐसा संशय तुम्हें नहीं होना चाहिये। यह निश्चित है कि राजा ही काल का कारण होता है। जिस समय राजा दण्डनीति का सम्यक एवं पूर्ण प्रयोग करता है, उस समय (राजा से प्रभावित) काल कृतयुग की सृष्टि करता है।
ultra-sociality reciprocity अतिसामाजिकता पारस्परिकता : सनातन बोध – 30
हमारा वर्तमान हमारे भूतकाल के विचारों से निर्मित होता है। हमारे वर्तमान के विचार हमारे भविष्य का निर्माण करते हैं। हमारा जीवन एक मानसिक सृष्टि है। – बुद्ध
Original sin स्वपन देबबर्मा अमृतस्य पुत्रा
Original sin स्वपन देबबर्मा : एक रश्मि सबको जोड़े हुये है, विविध मत मतान्तर आदि में व्याप्त है। वह रश्मि है – मनुष्य की मौलिक अच्छाई पर चरम विश्वास।
