Sagittarius A धनु अ गुरुत्व, कृष्ण विवर, लाल-विचलन, गुरु व उत्कृष्टता

Sagittarius A धनु अ गुरुत्व एवं परिक्रमा करते तारक : कल्पित Artistic Image By ESO (http://www.eso.org/public/images/eso1151a/) [CC BY 1.0  (https://creativecommons.org/licenses/by/1.0)] गत ज्येष्ठ (अधिक) पञ्चमी को गुरुत्व के सापेक्षिकता सिद्धांत से सम्बंधित एक महत्वपूर्ण प्रेक्षण घटित हुआ। हमारी आकाशगङ्गा मंदाकिनी के नाभिक में ‘धनु अ*’ (Sagittarius A*) नाम का घनीभूत नाक्षत्रिक विकिरण स्रोत है जिसके केंद्र में एक अतिमान कृष्ण विवर…

आमुख

Indian Paradise Flycatcher दूधराज /Common Paradise Flycatcher

दुग्धराज या दूधराज मध्य प्रदेश का राजकीय पक्षी है। वैदिक वाङ्मय एवं संंस्कृत साहित्य में यह सुंदर पक्षी बहुवर्णित है।

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Love Attachment Theory प्रेम आसक्ति सिद्धान्‍त : सनातन बोध – 32

वर्णित सिद्धान्तों के आधार पर वे प्रेम संबंधों को दो रूपों में विभाजित करते हैं – आवेशी (Passionate) और साहचर्य (companionate)। इन दोनों का वर्णन जान लेने पर यह स्वतः ही स्पष्ट हो जाता है कि आवेशी वह है जिसे ग्रंथो में कामुक या तामसी कहा गया है एवं साहचर्य अर्थात गृहस्थ और दाम्पत्य।

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Valmiki Ramayan Sundarkand Valmikiya Ramayan वाल्मीकीय रामायण

Valmiki Ramayan Sundarkand रामायण-34..रामं रामार्थयुक्तं विरराम रामा

न चास्य माता न पिता च नान्यः स्नेहाद्विशिष्टोऽस्ति मया समो वा ।
तावत्त्वहं दूत जिजीविषेयं यावत्प्रवृत्तिं शृणुयां प्रियस्य ॥
न माता से, न पिता से एवं न किसी अन्य से उनका प्रेम, मेरे प्रति प्रेम से विशिष्ट है (अर्थात मेरे प्रति उनका प्रेम समस्त सम्बन्‍धों के प्रेम से विशिष्ट है)।
अत:, हे दूत ! मेरी जीने की इच्छा तब तक ही बनी रहनी है, जब तक मैं अपने प्रिय का वृतान्‍त सुनती रहूँ।

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