Do Animals have Moral मानवेतर जीव-चेतना? : सनातन बोध – ७८
क्या अन्य जीवों को भी अनुभूति होती है? क्या वो भी सोच पाते हैं? ये प्रश्न या तो अन्य परम्पराओं में उठे ही नहीं या इनका उत्तर सकारात्मक नहीं रहा। वहीं इन प्रश्नों का उत्तर सनातन दर्शन में सहज ही स्पष्ट है।
शुनःशेप ऐतरेय ब्राह्मण आख्यान : ठिठके प्रश्न, भटकते उत्तर
एक था शुनःशेप, वरुण की वेधशाला का अभ्यर्थी, जिसे स्वयं नहीं ज्ञात था कि वह अभ्यर्थी भी है और दूसरे थे वरुण की वेधशाला के वर्तमान कुलपति ऋषि विश्वामित्र जो अभ्यर्थी की परीक्षा ले रहे थे।
धम्मदीक्षा दास हेतु नहीं – न भिक्खवे दासो पब्बाजेत्तब्बो
धम्मदीक्षा दास हेतु नहीं – विकृत एवं मिथ्या दृढ़कथन व मान्यतायें। वैश्विक स्तर पर राजनीतिक एवं स्वार्थी आग्रहों से बँधी अकादमिकी का यही सच है।
Red-vented Bulbul कलसिरी बुलबुल गुल्दुम, Pycnonotus cafer
Red-vented Bulbul गुल्दुम बुलबुल की पूँछ का अंतिम छोर श्वेत वर्ण व मूल भाग का वर्ण गहन रक्त वर्णीय होता है। जिससे इसका अभिज्ञान अत्यंत सरल है। इसकी आक्रामक (झगड़ालू) प्रवृत्ति के कारण ही एक समय इसको लोग लड़ने के लिए पालते भी थे।
प्रागैतिहासिक : शब्द – ४
प्राक्+ इतिहास में क् के बाद इ आने पर क् अपने तृतीय ग् में परिवर्तित हो गया। इस तरह यह प्राग् बना। इतिहास में ठक् प्रत्यय होने से इ ऐ में परिवर्तित हो गया और बना ऐतिहासिक। प्राग्+ ऐतिहासिक = प्रागैतिहासिक ।
