Muri muri hui hui मौन से भी मृदु

माओरी गीतों में युद्ध, प्रतिद्वंद्विता एवं उदात्त मानवीयता के आदिम भाव मिलते हैं। भावना एवं अभिव्यक्ति में उनकी साम्यता कुछ वैदिक स्वस्तियों से भी है। सर्वे भवंतु सुखिन: सर्वे सन्तु निरामया, जीवन शरद शत जैसे काव्य भाव उनके यहाँ भी हैं यद्यपि आधुनिक काल की रचनाओं में मिलते हैं। उन्हें रचने वालों ने वेद पढ़े या नहीं, इस पर कोई सामग्री नहीं मिली।

भारत के पाँव बँधे अवरोधक

अर्थव्यवस्था में सुधार हेतु शीघ्र ही नीतिगत उपायों की अपेक्षा है क्यों आगामी पाँच वर्षों में जिन उपलब्धियों का लक्ष्य है, उनकी प्राप्ति में वर्तमान स्थिति के लम्बे समय तक बने रहने से कठिन बाधायें उठ खड़ी होंगी।

Silent Killer शांत महामारी

सामाजिक संसर्ग या सम्वाद की जो ‘दक्षता’ होती है, वह शनै: शनै: लुप्त हो रही है। परिवार संस्था पर भयानक दबाव है, इतना कि बाल या किशोरावस्था की अपनी संतानों से माता पिता भी बहुत खुल कर सम्वादित नहीं हो पा रहे। आवरण को बड़ा आकर्षक नाम भी दे दिया गया है – ‘निजी स्पेस’।

Five Trillion Economy पचास खरब की अर्थव्यवस्था

देश की परिभाषा बहुसंख्यक जनता के हितों से आती है। हम देश को मिस्र के अति सम्पन्न एवं शिल्प कौशल में समय के कीर्तिमान किन्तु मृत जन को संरक्षित रखते पिरामिडों के समान तो नहीं बनाना चाहते न?

पङ्क पड़ी परम्परा का आर्त्तनाद

भारत में अभियाननाद नहीं, आर्त्तनाद ही चल रहा है। भारतविद्या एवं भारत की उन्नति के इच्छुक गम्भीर युवाओं को इन सब प्रवृत्तियों से मुक्त हो कर्मसंलग्न होना होगा। हम मिथ्या गौरवबोध में जीने को आतुर हैं, वह हमारा अंग बन चुका है। पुरातन का अध्ययन, उनका वैज्ञानिक एवं सत्यनिष्ठ विश्लेषण तथा आक्रमणों के सटीक उत्तर, ये सब होने चाहिये किंतु उसके स्थान पर हो क्या रहा है?

NCERT Books रा.शै.अ.प. की पुस्तकें – 2 : कक्षा प्रथम ‘गणित का जादू’

शून्य के उदाहरण को वस्तुओं की घटती संख्या के माध्यम से बता कर इतिश्री! इसके पीछे भी वही ‘हिंदू घृणा’ भाव ही तो नहीं जो अरब की कहानी यहाँ प्रत्यारोपित करता है?