Original sin स्वपन देबबर्मा अमृतस्य पुत्रा

Original sin स्वपन देबबर्मा : एक रश्मि सबको जोड़े हुये है, विविध मत मतान्तर आदि में व्याप्त है। वह रश्मि है – मनुष्य की मौलिक अच्छाई पर चरम विश्वास।

Tiny lamps लघु दीप – 11

Tiny lamps लघु दीप : विपत्ति में धैर्य, अभ्युदय में क्षमा, सभा में वाक्पटुता, युद्ध में पराक्रम, यश में अभिरुचि, ज्ञान का व्यसन; महात्माओं के प्रसिद्ध गुण।

हिन्‍दी पानी नीली धरती

हिन्‍दी पानी नीली धरती – चाहे जो नदी नारे नगर ले लें, प्रदूषण की स्थिति भयानक एवं शिक्षित समाज ‘हम तो ऐसे ही हैं’ के जप में लीन। पुरखे मूर्ख थे बेचारे!

पुराण एवं इतिहास बोध

पुराण एवं इतिहास बोध : अपनी श्रद्धा, मान्यतायें, आग्रह, अहङ्कार, ममत्व; सब किनारे रख पढ़ें। आप नारद हो जाते हैं, जिससे कि कुछ नहीं छिपा। एक एक शब्द, एक एक घटना आप को अनंत से जोड़ने लगती है। जो अशुभ होगा, अवांछित लगेगा; वह भी वहाँ सोद्देश्य है। कहा भी गया है कि सित एवं असित दोनों से संसार है, उनसे ही पुराण हैं।

लघु दीप अँधेरों में tiny lamps – 9

लघु दीप अँधेरों में : जो पुरुष शत्रुओं द्वारा दिये गये बिना लोहे का बना शस्त्र ग्रहण कर लेता है, वह साही के घर में प्रवेश कर हुताशन से बच जाता है। विचरण करते रहने से मार्गों का ज्ञान हो जाता है, नक्षत्रों से दिशा को जाना जाता है। अपने पाँच को पीड़ा पहुँचाने वाला पीड़ित नहीं होता।

तप नहीं तो कुछ भी नहीं

बहुत दिनों तक प्रगति का नेतृत्त्व पश्चिम ने किया, अब पुरातन एशियाई जगत भी आगे निकलने को अँगड़ाइयाँ लेने लगा है। प्रश्न यह है कि हम उनमें कौन हैं, कहाँ हैं, क्या कुछ अनूठा कर रहे हैं? जब मैं अनूठा कह रहा हूँ तो किसी बड़े प्रकल्प की बात नहीं कर रहा। मैं एक व्यक्ति के रूप में, परिवार के रूप में, संस्था के रूप में नवोन्मेष की बात कर रहा हूँ, साथ ही उस अनुशासन की भी जो कि न्यूनतम आवश्यकता है। देश बड़े तभी होते हैं जब उनके नागरिक बड़े होते हैं।