River Lapwing नदी टिट्टिभ चित्र सर्वाधिकार: आजाद सिंह, © Ajad Singh, सरयू आर्द्र भूमि, माझा, अयोध्या, फैजाबाद, उत्तर प्रदेश, November 30, 2018

River Lapwing नदी टिट्टिभ

River Lapwing नदी टिट्टिभ भारत का एक स्थानीय पक्षी है जो टिटहरी का निकट सम्बन्धी है। पढ़िए अवधी चिरैया शृंखला में इस बार इस सङ्कटासन्न पक्षी को।

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Live in the moment सत् चित्त आनंद : सनातन बोध – 43

Live in the moment चित्त एकाग्रता। आधुनिक मनोविज्ञान सत् चित्त आनंद की निष्पत्ति तक तो आ चूका है परन्तु उस स्थिति को प्राप्त करने का उपाय अभी आधुनिक मनोविज्ञान नहीं बता पा रहा परन्तु सनातन दर्शन इसका हल भी बताता है।

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AI, Consciousness and the Self कृत्रिम प्रज्ञान, चेतना एवंं आत्मा

यह बात सब जानते हैं कि यन्त्रों का क्रमिक विकास (Evolution) जैविक क्रमिक विकास से कहीं तीव्र है, अत: यह आशङ्का है कि मनुष्य चेतनापूर्ण मशीनों की गति से प्रतियोगिता करने में सक्षम नहीं है। इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं है कि बहुत सी वैज्ञानिक एवं तकनीकी मेधायें दृढ़ता पूर्वक कह रही हैं कि कृत्रिम प्रज्ञान (Artificial Intelligence) मानवता को विध्वंस की ओर धकेल रहा है।

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Revati Nakshatra – fall and rise रेवती नक्षत्र – पतन एवं पुनर्प्रतिष्ठा : कहानी मात्र कहानी नहीं !

क्योंकि प्रत्येक कहानियाँ मात्र कहानियाँ नहीं होतीं! कुछ कहानियाँ, कहानियों के अतिरिक्त भी, कुछ और भी होती हैं और रेवती नक्षत्र की कथा आर्ष भारतीय ज्योतिष के एक महान तथा विशिष्ट घटना को अभिव्यक्त करने वाला रूपक है।

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माघ स्नान

माघ मास में जल का यह कहना है की जो सूर्योदय होते ही मुझमें स्नान करता है, उसके ब्रह्महत्या, सुरापान आदि बड़े से बड़े पाप भी हम तत्काल धोकर उसे सर्वथा शुद्ध एवं पवित्र कर डालते हैं।माघ मास में प्रयाग संगम में स्नान का विशेष महत्व है।

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