Stop this fire यह आग रुकनी चाहिये।

हमारा समय ‘अवमुक्त’ समय है। अभिव्यक्ति स्वतन्त्रता के नाम पर, व्यक्ति की स्वतन्त्रता के नाम पर सामाजिक एवं धार्मिक निषेध बहुत तनु होते गये हैं। कहीं न कहीं हम अधिक स्वकेन्द्रित होते जा रहे हैं।

आमुख
Valmikiya Ramayan प्रमदावन विध्वंसक हनुमान

sundarkand व्यर्थ ब्रह्मास्त्र : वाल्मीकीय रामायण – ४६ [हरीश्वरस्य दूत:]

अस्त्र से मुक्त होने पर भी हनुमान ने दर्शाया नहीं तथा राक्षस उन्हें घसीटते एवं बंधन में पीड़ित करते चले। वे क्रूर उन्हें लाठियों व मुक्कों से पीटते हुये रावण तक घसीट ले गये।

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Subsidised Higher Education सानुवृत्ति उच्च शिक्षा, गुणवत्ता ह्रास व दस्युवृत्ति : सनातन बोध – ६५

यह स्वाभाविक है कि शिक्षण संस्थाओं में असीमित समय तक यदि अनुदान मिले तो व्यक्ति को न ही उत्तीर्ण होने में रुचि होगी, न गुणवत्ता में। सनातन दर्शन में कुछ भी निःशुल्क प्राप्त करने या उसकी आकाँक्षा करने के स्थान पर कर्म से उपार्जन को श्रेष्ठ माना गया है।

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