स्वास्थ्य संध्या नियमित दिनचर्या : सनातन बोध – ६६
आधुनिक अस्त-व्यस्त दिनचर्या व विपरीत आहार के समय में जहाँ लोग किसी भी नित्य-नियमित को व्यर्थ का बंधन व नीरस समझते हैं तथा प्रति दिन एक नए रूप में जीना चाहते हैं; क्या बँधी बँधाई दिनचर्या के विषय में मनोविज्ञान के कुछ निष्कर्ष उपलब्ध हैं?
मुर्दे को कलमा नहीं – एक गल्प
अगर आप हाल फिलहाल पाकिस्तान जाने वाले हों तो मुझसे उस गाँव का पता लेते जाइयेगा। वहाँ जहाँ मस्जिद दिखेगी न, वहीं केशव का घर था। दीनी कसाब को तो न घर मयस्सर हुआ और न कब्रिस्तान ही।
Ashy Prinia फुत्की
Ashy Prinia फुत्की लगभग ५ इंच का पक्षी है। जिसकी २.५ इंच लम्बी पूंछ होती है, इसे झाड़ियों में या उसके आस-पास प्राय: फुदकते हुए देखा जा सकता है।
वाल्मीकि रामायण – ४७ : सुंदरकाण्ड से [दूतोऽहमिति विज्ञेयो राघवस्यामितौजसः]
वाल्मीकि रामायण – एक वानर, एक मनुष्य; दो नितांत भिन्न राजवंशों का, उनकी मैत्री की साखी बना उनका संयुक्त दूत कह रहा है, सुनो प्रभु!
CAA व भ्रष्ट जिहादी युवा
सांस्कृतिक व मानवीय दृष्टि से भी ऐतिहासिक (CAA नागरिकता संशोधन अधिनियम) विधिक प्रावधान को मुस्लिम विरोधी बना कर प्रस्तुत किया गया। उसकी आड़ में ‘direct action’ और जिहाद का पूर्वाभ्यास किया गया।
