भारती संवत परम्परा से

भारती संवत : परम्परा से कुछ सूत्र

जब हम शीत अयनांत की निकटवर्ती प्रतिपदा या पूर्णिमा से वर्ष आरम्भ की बात करते हैं तो यह मान कर चलते हैं कि किसी मानदण्ड पर शीत अयनांत का दिन पहले से ही ज्ञात है। निश्चय ही वह मानदण्ड शुद्ध सौर गति आधारित होगा तथा उसका चंद्रगति से कुछ नहीं लेना देना होगा। उन व्रत, पर्व आदि से जुड़े दूसरे बिंदु हेतु यह बहुत ही महत्त्वपूर्ण है जोकि अति प्राचीनकाल से वर्षों वर्ष माने व  मनाये जाते रहे हैं।

ऐसा कोई मानदण्ड काम कैसे करता होगा? वर्नियर कैलिपर्स से समझते हैं।

आमुख
पीड़ित मानसिकता (victimhood mindset) : सनातन बोध

पीड़ित मानसिकता (victimhood mindset) : सनातन बोध – ८८

पीड़ित मानसिकता (victimhood mindset) – तीन मुख्य भ्रांतियाँ उत्तरदायी – विवेचन, आरोपण तथा स्मृति भ्रांति।
पीड़ित मानसिकता (victimhood mindset) एक ऐसी मानसिक अवस्था है जिसमें व्यक्ति अपनी अवस्था के लिए स्वयं के स्थान पर अन्य व्यक्तियों को उत्तरदायी मानता है। विफल अंतर्वैयक्तिक सम्बन्धों के परिणाम में यह एक महत्त्वपूर्ण मानसिक अवस्था है, यथा आधुनिक समय में सम्बंधों में विफलता के लिए स्वयं के स्थान पर अपने साथी को पूर्णरूपेण उत्तरदायी बताना।

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Amarkosha अमरकोश, कुछ शब्द : लघु दीप – ३५

Amarkosha अमरकोश, कुछ शब्द : लघु दीप – ३५

अमरसिंह जिस क्षेत्र के थे वहाँ राजा के साले को राष्ट्रिय (आज के राज्यपाल की भाँति) पद दिया जाता था, ऐसा न समझें कि राजा का साला अर्थात पूरे राष्ट्र का साला! कुछ भाष्यकारों के अनुसार राठौर वंश किसी राष्ट्रिय का ही है।

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