Mahashivratri Shivalya शिवालय

Mahashivratri महाशिवरात्रि

पंच ज्ञानेन्द्रियां (आँख, कान, नाक, त्वचा और जिह्वा), पंच कर्मेन्द्रियां (वाणी, हाथ, पैर, गुदा और उपस्थ), चार अन्त:करण (मन, बुद्धि, चित्त, और अहंकार) – इन चतुर्दश (चौदह) का समुचित नियंत्रण, संयम, संचालन ही ‘शिवरात्रि-व्रत’ है।

Sombrero Galaxy, Credit: NASA/Hubble Heritage Team

एकल-नवदुर्गा निहारिका Unitary Navadurgā Galaxy

एकल-नवदुर्गा निहारिका Unitary Navadurgā Galaxy : जिज्ञासा का विषय यह है कि दुर्गा के नौ भेदों में क्रम का विशेष उल्लेख क्यों? इन श्लोकों के पश्चात नवदुर्गा जैसे गम्भीर विषय पर सम्वाद भी, बिना निरन्तरता बनाए, बड़े विचित्र रूप से सहसा समाप्त कर दिया जाता है।