हम कभी दीर्घ ‘लाभ’ की नहीं सोचते

चार दिन का है खेला रे; को नृप होंहि हमहिं का हानी को जीते हम दीर्घ लाभ नहीं देखते। संसार के किसी भी वाङ्मय में ऐसा कुछ भी अनूठा नहीं है जो हमारे यहाँ नहीं।

आमुख
Valmiki Ramayan Sundarkand Valmikiya Ramayan वाल्मीकीय रामायण

Valmikiya Ramayan वाल्मीकीय रामायण-40, सुन्‍दरकाण्ड [समाधानं त्वं हि कार्यविदां वरः]

शत्रु की सामर्थ्य एवं सुदृढ़ स्थिति के योग्य प्रतिरोधी समक्ष थे, सीता सब जान लेना चाहती थीं, अपनी सेना की सामर्थ्य, सबसे पहले यह कि सेना इस पार आयेगी कैसे?

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Knob-Billed Duck नकटा, चित्र सर्वाधिकार: आजाद सिंह, © Ajad Singh, समदा झील, सुचित्तागंज, अयोध्या, फैजाबाद, उत्तर प्रदेश, March 10, 2019

Knob-Billed Duck नकटा

नकटा को जलाशयों के निकट वृक्षों पर रहना अधिक प्रिय है। अत: इसे पेड़ की बतख भी कहा जाता है। इसकी चोंच के ऊपर एक बड़ा सा उभार निकला होता है। इसी से इसका अभिजान सरल हो जाता है।

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Babylonian and Indian Astronomy बेबिलॉन एवं भारतीय ज्योतिष – अन्तिम भाग

प्रतीत होता है कि सौर राशि चिह्नों को आज जैसा हम जानते हैं, उनका उद्भव भारत में हुआ जहाँ उनका सम्‍बन्‍ध नक्षत्रों के अधिष्ठाता देवताओं से है।

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Vedic Aesthetics वैदिक साहित्य शृंगार – 5 : अथर्ववेद

Vedic Aesthetics वैदिक साहित्य शृंगार अथर्ववेद;अपने हाथों तेरे भग परनीलाञ्‍जन, कूट, खस और मधूक। तेरा रतिजन्य खेद हर दूँ!आ! तनिक तुझे उबटन कर दूँ!!॥३॥

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Indian Philosophy vs Western Philosophy : सनातन बोध – 48

उपनिषद भौतिक लक्ष्य से परे का दर्शन है। जबकि यूनानी दर्शन (प्लेटो) अनुसार मनुष्य अपनी ऊर्जा से भौतिक जीवन के उन्नत रूपों (forms) को पा सकता है। कठोपनिषद का लक्ष्य उन्नत रूप तथा भौतिक सुख के स्थान पर आत्म-अन्वेषण, बुद्धि और परम लक्ष्य की दिशा में है। यूनानी दार्शनिकों ने सनातन दर्शन के अनेक सिद्धांतों को अपना कर उन्हें पश्चिमी जनमानस के लिए पुनर्संस्कृत किया।

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